रायपुर (वीएनएस)। राजधानी रायपुर में सोमवार को नए मामलों में दोहरा शतक लगा दिया। आज रायपुर में सर्वाधिक 222 नए मामलों की पुष्टि हुई है।
प्रदेश में कुल 698 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की आज पहचान हुई, वहीं 29 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज हुए। इसके बाद प्रदेश में सक्रिय मामलों की संख्या 1942 हो गई है। प्रदेश में आज कोरोना संक्रमित किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है।
प्रदेश में आज पाॅजिटिविटी दर 2.52 प्रतिशत है। प्रदेश भर में हुए 27,646 सैंपलों की जांच हुई है।
3 जनवरी को 05 जिलों महासमुंद, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा एवं नारायणपुर में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है। बीजापुर से 01, गरियाबंद एवं बलरामपुर से 02-02, बालोद से 03, बेमेतरा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 04-04, धमतरी, बलौदाबाजार, सुकमा, कांकेर से 05-05, कोरिया से 09 कोरोना संक्रमित पाए गए।
यहां देखें किस जिले में कितने नए मामले मिले…

नई दिल्ली (वीएनएस)। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने खुद को आइसोलेट कर लिया है। प्रियंका गांधी के परिवार के एक सदस्य और उनके स्टाफ का सदस्य रविवार को कोरोना संक्रमित पाया गया था, हालांकि प्रियंका गांधी का कोविड का टेस्ट निगेटिव आया है। लेकिन डॉक्टर की सलाह पर वह आइसोलेट हो गई हैं।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर लिखा कि- मेरे परिवार के एक सदस्य और मेरे एक स्टाफ कल कोरोना संक्रमित पाए गए थे, मेरी रिपोर्ट नेगेटिव आई है, डॉक्टर की सलाह पर मैं आइसोलेट हूं और कुछ दिनों के बाद फिर से टेस्ट कराऊंगी।

वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में तेजी से कोरोना फैल रहा है। 24 घंटों में संक्रमण के नए मामलों की संख्या 3194 से 4099 हो गई है। लगातार तीसरे दिन संक्रमण के चलते एक मरीज की मौत हुई है।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पिछले एक दिन में 63,477 सैंपल की जांच हुई है। इनमें 6.46 फीसदी सैंपल कोरोना संक्रमित मिले हैं। इस दौरान 4099 लोग संक्रमित मिले हैं। वहीं, 1509 मरीजों को छुट्टी दी गई। इस दौरान एक मौत दर्ज हुई है।
इसी के साथ ही कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 14,58,220 तक पहुंच गई है जिनमें 14,22,124 मरीज ठीक हुए हैं लेकिन 25100 लोगों की संक्रमण के चलते मौत हुई है। विभाग ने बताया कि राजधानी में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 10 हजार पार हुई है।
रायपुर (वीएनएस)। राज्य में 15 से 18 वर्ष तक के किशोरों को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक चालू जनवरी माह में ही देना सुनिश्चित करने सभी हाई-स्कूलों और हायर-सेकेंडरी स्कूलों में विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए सभी स्कूलों और अभिभावकों से चर्चा कर 5 जनवरी तक टीकाकरण के लिए माह भर का विस्तृत कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य एवं स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला शिक्षा अधिकारी को परिपत्र जारी कर इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि भारत सकार ने 3 जनवरी से 15 से 18 वर्ष के सभी बच्चों का “कोवैक्सीन” से कोविड टीकाकरण करने की अनुमति प्रदान की है। इस कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करने सभी जिलों के टीकाकरण अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी तत्काल बैठक कर इसका संपूर्ण कार्यक्रम तैयार करें। प्रत्येक निजी और शासकीय हाई-स्कूल एवं हायर-सेकेंडरी स्कूल में कोविड टीकाकरण का विशेष सत्र आयोजित करने के लिए तत्काल तिथि व समय निश्चित कर कैलेंडर तैयार करें। इसकी कार्ययोजना इस तरह से तैयार की जाए कि सभी हाई-स्कूलों और हायर-सेकेंडरी स्कूलों में प्रथम डोज का टीकाकरण इसी महीने पूरा हो जाए। विभाग ने जिला टीकाकरण अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में टीकाकरण टीम बनाने कहा है। सभी जिलों को अपने-अपने जिले में टीकाकरण का कैलेंडर आयुक्त, लोक शिक्षण तथा मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को 5 जनवरी तक भेजने कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने निजी और शासकीय दोनों स्कूलों में कोविड टीकाकरण के विशेष सत्र के संबंध में पालकों के साथ विशेष बैठक आयोजित कर उन्हें टीकाकरण की जानकारी देने कहा है। उन्होंने बच्चों के टीकाकरण के समय पालकों से उपस्थित रहने का आग्रह करने के लिए भी निर्देशित किया है। पालकों के साथ बैठक का कार्यवाही विवरण स्कूल में सुरक्षित रखने कहा गया है। टीकाकरण सत्र के दिन टीकाकरण टीम द्वारा कोविन पोर्टल पर उस स्कूल के लिए एक विशेष सत्र का निर्माण किया जाएगा और स्कूल के शिक्षक टीकाकरण टीम से साथ मिलकर 15 से 18 वर्ष के सभी बच्चों का कोविन पोर्टल पर ऑन-साइट पंजीकरण करेंगे। पंजीकरण के बाद टीकाकरण टीम द्वारा बच्चों को “कोवैक्सीन” का टीका लगाया जायेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण के बाद बच्चों की निगरानी के भी निर्देश दिए हैं। टीका लगाने के बाद बच्चों को कम से कम 30 मिनट तक स्कूल में ही बिठाकर रखा जाएगा जिससे कि उनमें टीके के किसी भी प्रकार के विपरीत प्रभाव (AEFI – Adverse Effects Following Immunization) पर नजर रखी जा सके। एईएफआई (AEFI) होने पर बच्चे को तत्काल नजदीक के अस्पताल में ले जाने की व्यवस्था पहले से रखी जाएगी। यदि किसी बच्चे को कोई एईएफआई होता है तो उसे तत्काल अस्पताल ले जाकर इलाज कराया जाएगा। आयुक्त, लोक शिक्षण और मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा संयुक्त रूप से इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने परिपत्र के निर्देशानुसार तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने और की गई कार्यवाही से विभाग को अवगत कराने कहा है।
रायपुर (वीएनएस)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार की शाम राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय परिसर से सभी सुविधाओं एवं उपकरणों से सुसज्जित दो नग एम्बुलेंस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। गोयल गु्रप ऑफ इंडस्ट्रीज द्वारा अपने सामाजिक दायित्व निर्वहन के तहत प्रदत्त दोनों एम्बुलेंस में से एक एम्बुलेंस उपाध्याय हॉस्पिटल रायपुर तथा एक एम्बुलेंस उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भानुप्रतापपुर को प्रदाय किए गए हैं। एम्बुलेंस का उपयोग दोनों अस्पतालों द्वारा अपने आसपास के क्षेत्रों में लोगों की सुविधा के लिए किया जाएगा।
मुख्यमंत्री बघेल ने गोयल गु्रप ऑफ इंडस्ट्रीज के द्वारा प्रदत्त सहयोग की सराहना की और कहा कि यह एक पुनीत कार्य है। इससे शासन के साथ सहयोग के लिए अन्य सामाजिक संगठन भी प्रेरित होकर आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि बचाव ही सुरक्षा है। इसके मद्देनजर वर्तमान दौर में कोरोना महामारी की तीसरी लहर से बचाव के लिए हमें कोविड अनुकूल व्यवहार का कड़ाई से पालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना एक बार फिर नये रूप में तेजी से फैलने लगा है। यदि हम सब मिलकर इसके शुरूआती दौर में ही रोकथाम नहीं करेंगे तो इस बीमारी का फैलाव और कई गुना बढ़ जाएगा। इसलिए जरूरी है कि हम तुरंत सुरक्षा मानकों, सावधानी और अन्य जरूरी सभी उपायों का उपयोग शुरू कर दे।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा तथा गोयल गु्रप ऑफ इंडस्ट्रीज के चेयरमेन सुरेश गोयल, प्रबंध निदेशक नरेन्द्र गोयल, उपाध्याय अस्पताल रायपुर के निदेशक शैलेन्द्र उपाध्याय आदि उपस्थित थे।
सुकमा (वीएनएस)। सुकमा जिले के लिए यह बड़े गर्व की बात है कि कलेक्टर विनीत नन्दनवार के मार्गदर्शन में महिला बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक और मैदानी अमले की लगातार मेहनत से कुपोषण की दर को 14.2 प्रतिशत कम करने में सफलता हासिल किया है।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे एनएफएचएस-4, 2016 के अनुसार संयुक्त दंतेवाड़ा जिले की कुपोषण दर 51.6 प्रतिशत थी। वहीं वर्तमान में जारी एनएफएचएस -5, 2021 में जारी आंकड़ों के अनुसार सुकमा जिले की कुपोषण दर 37.4 प्रतिशत है। इस प्रकार जिले में कुपोषण में 14.2 प्रतिशत की कमी आई है। एनएफएचएस -5, 2021 के आंकड़े के अनुसार कुपोषण दर को कम करने के मामले में सुकमा जिला ने गरियाबंद जिले के बाद पूरे राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। गरियाबंद जिले में 15.3 प्रतिशत कुपोषण में कमी आई है।
उल्लेखनीय है कि उम्र के अनुसार, वजन के मापदंड अनुसार 0 से 5 वर्ष के बच्चों में कुपोषण की स्थिति के आधार पर यह आंकड़ा जारी किया गया है।