जगदलपुर। बस्तर जिले के बोधघाट थाना को उत्कृष्ट पुलिसिंग, जनसेवा एवं प्रभावी कानून-व्यवस्था के लिए भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ का “सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाना” घोषित किए जाने पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने थाना प्रभारी लीलाधर राठौर तथा उनकी पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि सज्जनों के मन में पुलिस के प्रति सम्मान तथा अपराधियों के मन में कानून का भय स्थापित करने की दिशा में बोधघाट थाना ने उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक थाना की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरी छत्तीसगढ़ पुलिस के समर्पण, जनसेवा और उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रतीक है।
उन्होंने थाना प्रभारी लीलाधर राठौर सहित बोधघाट थाना के सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य पुलिस थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
गौरतलब है कि बोधघाट थाना लगातार अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई, जनसहभागिता, सामुदायिक पुलिसिंग तथा बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसे छत्तीसगढ़ का सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाना घोषित किया है, जिससे बस्तर जिले के साथ-साथ पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ा है।
]]>जगदलपुर, 7 जुलाई। शहर में लगातार हो रही झपटमारी की घटनाओं से परेशान शहरवासियों को आखिरकार बड़ी राहत मिली है। महिलाओं और युवतियों को सुनसान एवं अंधेरे स्थानों पर निशाना बनाकर दहशत फैलाने वाले एक शातिर झपटमार को बस्तर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में 09 झपटमारी की वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 08 बैग, 03 मोबाइल फोन, सोने-चांदी के आभूषण, नकदी सहित लगभग 2.5 लाख रुपये का सामान बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में बढ़ती झपटमारी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक लीलाधर राठौर के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस और साइबर टीम ने कई दिनों तक लगातार निगरानी, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अभियान चलाया। संवेदनशील चौक-चौराहों और सुनसान इलाकों में पुलिस की रणनीतिक तैनाती का परिणाम रहा कि धरमपुरा-कालीपुर क्षेत्र में हुई अंतिम झपटमारी के तुरंत बाद आरोपी को घेराबंदी कर दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजमन यादव (19 वर्ष), निवासी ग्राम कुथर, थाना मारडूम के रूप में हुई है। उसने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि दोस्तों के साथ मौज-मस्ती और घूमने-फिरने के लिए पैसों की व्यवस्था करने की नीयत से वह झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देता था। वह तेज रफ्तार बाइक से पीछे से आकर महिलाओं के बैग छीनकर फरार हो जाता था और नकदी व आभूषण निकालने के बाद बैग व मोबाइल फेंक देता था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने झपटमारी में प्रयुक्त सामग्री और लूटे गए सामान बरामद कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
शहर में लगातार बढ़ रही झपटमारी की घटनाओं का खुलासा कर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाना कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक लीलाधर राठौर और उनकी टीम की सतर्कता, रणनीतिक योजना तथा लगातार की गई मेहनत का परिणाम माना जा रहा है। इस कार्रवाई से न केवल कई प्रकरणों का एक साथ खुलासा हुआ है, बल्कि शहरवासियों में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत हुआ है। आम नागरिकों ने बस्तर पुलिस की इस त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे अपराधियों के लिए कड़ा संदेश बताया है।
]]>अभनपुर निवासी कक्षा 12वीं के छात्र प्रतीक ताम्रकार का चयन बेंगलुरु स्थित TEKNIKOZ Software Private Limited में समर इंटर्नशिप हेतु किया गया है। यह अवसर उन्हें युवा फेस्ट के दौरान आयोजित AI वर्कशॉप में सक्रिय सहभागिता, तकनीकी समझ और उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्राप्त हुआ है। वे आगामी दो माह (अप्रैल से जून 2026) तक कंपनी के साथ कार्य करते हुए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान बेंगलुरु से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल स्किल्स, स्टार्टअप इकोसिस्टम एवं आधुनिक तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी दी गई। वर्कशॉप में प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट आधारित सीखने और करियर मार्गदर्शन का भी अवसर मिला। प्रतीक ने अपनी जिज्ञासा, नवाचार की सोच और सीखने की प्रतिबद्धता से प्रशिक्षकों को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने प्रतीक ताम्रकार को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि युवा फेस्ट का उद्देश्य केवल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें सही दिशा और मंच उपलब्ध कराना है। प्रतीक की सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण एवं छोटे शहरों के युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
कलेक्टर ने जिले के अन्य युवाओं से भी इस प्रकार के नवाचार एवं कौशल आधारित कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की, ताकि वे आधुनिक तकनीकों से जुड़कर अपने करियर को नई दिशा दे सकें।
समग्र रूप से “युवा फेस्ट-2026” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ। इसने शिक्षा, संस्कृति, खेल और तकनीक के समन्वय के माध्यम से युवाओं को आत्मविश्वास, नवाचार और नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सीमित समय और चुनौतियों के बावजूद उत्कृष्ट टीम वर्क, समर्पण और योजनाबद्ध प्रयासों के चलते यह आयोजन पूरी तरह सफल रहा।
यह फेस्ट इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि युवाओं को उचित मंच, मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे अपनी प्रतिभा से समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। “युवा फेस्ट-2026” ने न केवल प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि सीख, प्रेरणा और आत्मविकास का ऐसा वातावरण भी निर्मित किया, जिसकी स्मृतियाँ लंबे समय तक युवाओं के मन में जीवित रहेंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेंगी।
प्रतीक ताम्रकार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने चाचाजी पवन कुमार ताम्रकार, प्राध्यापक, शासकीय महाविद्यालय कुरूद को दिया, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से उन्होंने युवा फेस्ट में भाग लिया और इस अवसर तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि युवा फेस्ट जैसे मंच युवाओं के लिए सीखने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम हैं।
उल्लेखनीय है कि युवा फेस्ट 2026 के अंतर्गत जिले में विभिन्न क्षेत्रों—तकनीक, खेल, कला, नवाचार एवं उद्यमिता—से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य युवाओं की प्रतिभा को निखारना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है। जिले में इस प्रकार के आयोजन न केवल कौशल विकास को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक अवसरों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
]]>मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने वृद्धाश्रम में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि बुजुर्गों की देखभाल में किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार वृद्धजनों के कल्याण हेतु वृद्धजन सेवा योजना, पेंशन सुविधा, स्वास्थ्य जांच शिविर, मानसिक-सामाजिक परामर्श केंद्र जैसी योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि दीवाली केवल दीपों का पर्व नहीं, बल्कि संवेदनाओं को साझा करने का अवसर है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे इस पावन पर्व पर अपने आसपास के बुजुर्गों से मिलें, उनका आशीर्वाद लें और उन्हें अपनत्व का अहसास कराएँ।
]]>मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने एक एसएलआर, एक इंसास, एक .303 राइफल, 1- 12 बोर की गोलियां, बीजीएल लांचर, सिंगल शॉट सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और नक्सल संबंधी अन्य सामान भी बरामद किए हैं.
पुलिस ने दी ये जानकारी
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव ने बताया कि जिले के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में माओवादी कैडर की गतिविधियों की विश्वसनीय सूचना के आधार पर डीआरजी बीजापुर की टीम से सर्च ऑपरेशन चलाया गया. अभियान के दौरान दिनांक 26 जुलाई 2025 के शाम को पुलिस बल और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ होती रही. मुठभेड़ के बाद मुठभेड़ स्थल की तलाशी में एक एसएलआर, एक इंसास, एक .303 राइफल, बीजीएल लांचर, सिंगल शॉट सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री एवं नक्सल संबंधी अन्य सामान भी बरामद किए गए.
मारे गए माओवादी की पहचान
1. हुंगा, एसीएम, प्लाटून नंबर 10 दक्षिण सब जोनल ब्यूरो, शासन द्वारा ₹5 लाख का इनाम घोषित2. लक्खे, एसीएम, प्लाटून नम्बर 30, दक्षिण सब जोनल ब्यूरो, शासन द्वारा ₹5 लाख का इनाम घोषित3. भीमे, एसीएम, दक्षिण सब जोनल ब्यूरो, शासन द्वारा ₹5 लाख का इनाम घोषित4. निहाल ऊर्फ राहुल, पार्टी सदस्य (संतोष, ब्यूरो कम्युनिकेशन टीम हेड का गार्ड) दक्षिण सब जोनल ब्यूरो, शासन द्वारा ₹2 लाख का इनाम घोषित
मुठभेड़ स्थल से बरामद सामग्रियों का विवरण
1. 01 एसएलआर, 03 मैग्जीन 15 जिंदा राउण्ड.2. 01 इंसास , 03 मैगजीन 40 जिंदा राउण्ड.3. 01 .303 रायफल 01 मैग्जीन, 16 जिंदा राउण्ड.4. 01 बीजीएल लांचर (सुरखा) 03 नग सेल.5. 01 नग सिंगल शॉट 315 बोर रायफल .6. 01 नग 12 बोर बंदूक, 12 नग जिंदा सेल.7. एके 47 के 8 जिंदा राउण्ड.8. बीजीएल सेल छोटा 3 नग, ग्रेनेड 1 नग, नक्सल सामग्री व अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद हुआ.
19 महीनों में 425 हार्डकोर माओवादी हुए ढेर
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने बताया कि वर्ष 2024 में मिली निर्णायक बढ़त को आगे बढ़ाते हुए, वर्ष 2025 में भी बस्तर संभाग में प्रतिबंधित और गैरकानूनी सीपीआई (माओवादी) संगठन के विरुद्ध सुरक्षा बलों द्वारा सघन और निरंतर अभियान संचालित किए जा रहे हैं. इन अभियानों के तहत पिछले 19 महीनों (जनवरी 2024 से जुलाई 2025) में 425 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं, जो सुरक्षा तंत्र की प्रभावी रणनीति, साहसिक कार्रवाई और जनसमर्थन का प्रतीक है.
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इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मानसून की कठिन परिस्थितियां लगातार वर्षा, दुर्गम जंगल-पहाड़ी इलाके और जोखिम भरे रास्ते भी सुरक्षाबलों के जोश और प्रतिबद्धता को डिगा नहीं पाई हैं. सभी बल कठिन भौगोलिक और मौसमीय चुनौतियों के बावजूद पूरे समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं.00
]]>आरोप है कि इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने डोडा चूरा मामले में किसान से ₹1 करोड़ की रिश्वत मांगी थी. बाद में यह डील ₹53 लाख में तय हुई. किसान ने दलाल के माध्यम से नारकोटिक्स इंस्पेक्टर को ₹44 लाख का भुगतान भी कर दिया था. फिर भी आरोपी इंस्पेक्टर किसान से और 9 लाख रुपये की मांग कर रहा था. इसके बाद, पीड़ित किसान ने जयपुर सीबीआई में शिकायत की. शिकायत के आधार पर सीबीआई की एक टीम जाल बिछाकर CBN अधिकारी महेंद्र सिंह और एक दलाल को गिरफ्तार किया है.
आरोपियों को मिलेगी किए की सजा
इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि जो गलत करेगा वह बचेगा नहीं. सरकार की आंखें खुली हैं और दृष्टि साफ है. सरकार गलत करने वालों को छोड़ेगी नहीं, ऐसे लोगों को खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी. उन्होंने कहा कि किसानों से फर्जी वसूली नहीं होनी चाहिए. सरकार गलत करने वालों पर कार्रवाई करती है.
सांसद सुधीर गुप्ता नीमच के टाउन हॉल में आयोजित संयुक्त विभाग पेंशनर्स संघ के द्वितीय वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान उनके साथ क्षेत्रीय विधायक दिलीप सिंह परिहार मानस विधायक अनिरुद्ध माधव, मारू जावद, विधायक ओमप्रकाश सकलेचा भी मौजूद रहे.
]]>जमीन चोरी की घटना हैरान करने वाली है, लेकिन किसान जनक चंद्राकर ने अपनी 3 एकड़ जमीन चोरी होने का दावा किया है. जमीन तलाशने के लिए किसान ने पटवारी से लेकर कलेक्ट्रेट ऑफिस से संपर्क किया है. पीड़ित का कहना है कि उसकी जमीन नहीं मिली तो अपनी जान दे देगा.
किसान की 3 एकड़ जमीन पर गांव के दबंग ने कर रखा है अवैध कब्ज़ा
मामला कुंडा तहसील के भरेवापूरन गांव का है. पत्नी के साथ मंगलवार को कवर्धा कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे पीड़ित किसान जनक चंद्राकर ने ज़मीन चोरी होने की शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसकी पुश्तैनी 3 एकड़ जमीन पर गांव के एक दबंग व्यक्ति ने अवैध कब्ज़ा कर रखा है, जबकि वर्षों से उसके पूर्वज उस जमीन पर कृषि कार्य करते आ रहे हैं.

अवैध कब्जे के खिलाफ 4 माह पू्र्व तहसील कार्यालय में दिया था आवेदन
पीड़ित किसान ने बताया कि उसके तीन एकड़ खेत पर गांव के दंबग रामकुमार चंद्राकर ने अवैध कब्जा कर रखा है. अपनी तीन एकड़ जमीन पर दबंग द्वारा किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ किसान ने 4 माह पू्र्व तहसील कार्यालय में आवेदन किया था, लेकिन सीमांकन आदेश के बाद भी पटवारी और आर आई द्वारा सीमांकन नहीं किया जा रहा है.
पत्नी के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे पीड़ित किसान जनक चंद्राकर ने ज़मीन चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित किसान के मुताबिक उसकी 3 एकड़ जमीन पर गांव के एक दबंग व्यक्ति ने अवैध कब्ज़ा कर रखा है, जबकि वर्षों से उसके पूर्वज उस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं.
दुल्हन!
पुश्तैनी जमीन पर कई वर्षों से खेती करता आ रहा है पीड़ित किसान
पीड़ित किसान दम्पति का कहना है चोरी हुई तीन एकड़ जमीन पर पुश्तैनी जमीन पर वो वर्षों से खेती करता आ रहा है. किसान ने बताया कि वो हर वर्ष धान की फसल उगाकर सोसायटी में बेंचते है और उस जमीन पर कर्ज भी लेते है, लेकिन जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर हर जगह गुहार लगा चुके है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है, जिससे वो आहत हैं.
पंडरिया SDM बोले, जल्द विवादित जमीन का किया जाएगा सीमांकन
मामले पर पंडरिया एसडीएम संदीप ठाकुर ने कहा किसान जनक चंद्राकर और रामकुमार के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, पहले भी विवादित जमीन का सीमांकन किया जा चूका है और दूसरी बार सीमांकन के लिए गई टीम गई थी लेकिन मौसम के चलते सीमांकन नहीं हो पाई. उन्होंने कहा, जल्द विवादित जमीन का सीमांकन कर लिया जाएगा.
आभा आईडी के माध्यम से मरीज अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी से आसानी से साझा कर सकते हैं। इस आईडी की मदद से अस्पतालों, क्लीनिकों और लेबोटरी के बीच जानकारी साझा करना भी आसान हो गया है, जिससे इलाज की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।
छत्तीसगढ़ में आभा आईडी को राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल से जोड़ा गया है। इससे मरीजों की स्क्रीनिंग, डायग्नोसिस, इलाज और मॉनिटरिंग की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो गई है। एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के लिए मोबाइल और टैबलेट आधारित ऐप्स तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए वेब पोर्टल उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे काम करना आसान हो गया है।
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