बैठक में गौ अभ्यारण को स्वावलंबी एवं दीर्घकालीन संचालन के लिए भविष्य में अपनाई जाने वाली कार्ययोजना पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर स्थानीय ग्राम पंचायतों सरेखा, जैतपूरी, बेंदरची के जनप्रतिनिधि, श्री नितेश अग्रवाल, श्री लोकचंद साहू, श्री नरेन्द्र मानिकपुरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं उपमुख्यमंत्री कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस दौरान ग्रामीणों ने गौ अभ्यारण में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के शीघ्र पूर्ण किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि वे गौ अभ्यारण के संचालन एवं संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं, साथ ही क्षेत्र में पैरादान, चारा संग्रहण एवं पौधरोपण जैसे कार्यों में आगे बढ़कर सहयोग करें।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार गौ अभ्यारण के विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाना है। जिससे आवारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिल सके और ग्रामीण क्षेत्रों में पशु संरक्षण को मजबूती मिल सके। गौ अभ्यारण के निर्माण से क्षेत्र में न केवल गौवंश संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण, हरियाली विस्तार एवं ग्रामीण सहभागिता को भी नई दिशा मिलेगी।
]]>बैठक में दुर्ग जिले में नए खादी शोरूम की स्थापना, खादी से राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) निर्माण प्रक्रिया की शुरुआत, तथा बांस मिशन के अंतर्गत युवाओं एवं महिलाओं को प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्णय लिए गए। साथ ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की समीक्षा की गई। उत्पादन इकाइयों, विक्रय केंद्रों एवं स्टॉक उपलब्धता का भी विस्तार से आकलन किया गया।
प्रबंध संचालक ने निर्देशित किया कि जिला कार्यालय योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें। उत्पादन इकाइयों में गुणवत्ता नियंत्रण, समयबद्ध उत्पादन तथा उत्पादों के विपणन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। बांस मिशन सहित अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मैदानी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने और अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यकुशलता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय ने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाते हैं और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत साधन हैं। उन्होंने युवाओं और महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने, आधुनिक तकनीक अपनाने तथा विपणन नेटवर्क के विस्तार पर बल दिया।
]]>सम्मान समारोह में राज्यपाल के गोदग्राम सोनपुरी के विद्यार्थी खुसाल वर्मा, कपिल वर्मा, टोपसिंग, पिमला वर्मा, खुशी, प्रिया वर्मा, पूूजा, विनीता यादव को प्रमाण पत्र दिया गया। साथ ही जैविक कृषि सखी श्रीमती राधा वर्मा, ड्रोन दीदी श्रीमती सवित्री साहू, स्वच्छग्राही श्रीमती गोदावरी और निता वर्मा को सम्मान प्रमाण पत्र दिया गया।
]]>राज्यपाल ने कहा कि स्कूलों, आश्रमों और अन्य शासकीय भवनों के आसपास वृक्षारोपण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हरित आवरण में भी वृद्धि हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि एम्स और नया रायपुर के चिकित्सा संस्थानों में इलाज के लिए दूरदराज़ से आने वाले मरीजों और
]]>आकाशवाणी के एफ.एम. और प्राइमरी चैनल पर 8 नवम्बर को सुबह 9 बजे से प्रसारित इस कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केंद्र रिले करेंगे। इसे मीडियम वेव 981 किलोहर्ट्ज और एफ.एम. 101.6 मेगाहर्ट्ज पर सुना जा सकता है। उल्लेखनीय है कि बस्तर ओलंपिक-2025 के तहत विकासखंड स्तर की प्रतियोगिताएं शुरू हो चुकी हैं। इसके बाद जिला स्तर और फिर संभाग स्तर की प्रतियोगिताएं होंगी। बस्तर ओलंपिक के लिए तीन लाख 91 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने अपना पंजीयन कराया है।
]]>लोक निर्माण विभाग के रायपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री पंकज मोहन कश्यप और कार्यपालन अभियंता श्री विशाल त्रिवेदी ने आज बीरगांव-उरला-बेन्द्री-कारा-बाना-गोमची-नंदनवन मार्ग, हीरापुर-जरवाय-नंदनवन मार्ग बेन्द्री पहुंच मार्ग और धरसींवा-कुरा-पण्डरभट्टा-लखना-भूमिया पण्डरभट्टा-मुरा मार्ग एवं बलौदी पहुंच मार्ग, कुरा कोल्हान नाला मार्ग, एनएच-130 बी रायपुर-बिलासपुर मार्ग से तरपोंगी-देवरी बायपास मार्ग में मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि 26 किमी बीटी पेंच रिपेयर का कार्य पूर्ण हो गया है। टाटीबंध-हीरापुर फोरलेन मार्ग, उरला-गुमा-हीरापुर-सोनडोंगरी-तेंदुआ मार्ग, उरला-पठारीडीह मार्ग, धरसींवा-कुरा-पण्डरभट्टा-सगुनी-बेलौदी मार्ग, सोमनाथ मंदिर पहुंच मार्ग, तिल्दा-नेवरा मार्ग, नेवरा-सिनोघा-खपरी-मोहदा-हथबंद मार्ग, तिल्दा-नेवरा-कोटा-चांपा-मानपुर-कोहका-परसवानी-चिंगोरी-छछानपैरी-नोहरा मार्ग, बंगोली पहुंच मार्ग और मोहरा पहुंच मार्ग सहित अन्य मार्गों के पेंच रिपेयर का कार्य भी जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा।
]]>बैठक के दौरान भारत और इस्राइल के बीच प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार प्रगाढ़ हो रहे मित्रतापूर्ण संबंधों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि नवाचार, सिंचाई तकनीक और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में इस्राइल के अनुभव एवं विशेषज्ञता से राज्य को लाभ मिल सकता है।
इस अवसर पर श्री ओशेरॉफ ने छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद को समाप्त करने हेतु किए जा रहे प्रभावी प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थापित हो रही स्थायी शांति का वातावरण राज्य के विकास को गति देगा।
बैठक में उन्नत तकनीक के आदान-प्रदान, औद्योगिक सहयोग बढ़ाने, अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा नई तकनीक के माध्यम से रोजगार एवं विकास के अवसर सृजित करने पर भी चर्चा की गई। इस मुलाकात से छत्तीसगढ़ के इस्राइल के साथ आर्थिक, वैज्ञानिक और औद्योगिक सहयोग की दिशा में सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
]]>प्रधानमंत्री – बेटे आपका ऑपरेशन कब हुआ?
नन्हें लाभार्थी- अभी हुआ 6 महीने पहले।
प्रधानमंत्री – और पहले खेलती थी?
नन्हें लाभार्थी – हां।
प्रधानमंत्री – अभी भी खेलती हो?
नन्हें लाभार्थी – हां।
प्रधानमंत्री – आगे क्या करना चाहती हो?
नन्हें लाभार्थी – डॉक्टर बनना चाहती हूं।
प्रधानमंत्री – डॉक्टर बनोगी, डॉक्टर बनकर क्या करोगी?
नन्हें लाभार्थी – सभी बच्चों का इलाज करूंगी।
प्रधानमंत्री – सिर्फ बच्चों का करोगी?
नन्हें लाभार्थी – सभी का।
प्रधानमंत्री – तुम जब डॉक्टर बनोगी, तब हम बूढ़े बन जाएंगे तो हमारा कुछ करोगे कि नहीं?
नन्हें लाभार्थी – करूंगी।
प्रधानमंत्री – पक्का।
नन्हें लाभार्थी – हां पक्का।
प्रधानमंत्री – चलिए।
नन्हें लाभार्थी – मैंने सोचा ही नहीं था कि मैं कभी इनसे मिल पाऊंगी, आज पहली बार मिली, मुझे बहुत अच्छा लगा।
नन्हें लाभार्थी – मेरा ऑपरेशन अभी एक साल पहले हुआ है और मैं बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती हूं और सभी का इलाज करना चाहती हूं।
प्रधानमंत्री – अच्छा रोना कब आया था?
नन्हें लाभार्थी – रोना नहीं आया।
प्रधानमंत्री – डॉक्टर तो बता रहे थे कि तुम बहुत रोती थी।
नन्हें लाभार्थी – डॉक्टर ने कब बताया, नहीं बताया।
प्रधानमंत्री – नहीं।
नन्हें लाभार्थी – आपको एक स्पीच सुनाना चाहती हूं।
प्रधानमंत्री – हां बोलो- बोलो।
नन्हें लाभार्थी – मंजिल से आगे बढ़कर मंजिल तलाश कर, मिल जाए तुझको दरिया तो समुंदर तलाश कर, हर शीशा टूट जाता है पत्थर की चोट से, पत्थर भी टूट जाए वो शीशा तलाश कर। सजदों से तेरे क्या हुआ सदियाँ गुजर गई, सजदों से तेरे क्या हुआ सदियाँ गुजर गई, सजदा वो कर जो तेरी जिंदगी बदल दे, सजदा वो कर जो तेरी जिंदगी बदल दे।
प्रधानमंत्री – वाह वाह वाह।
नन्हें लाभार्थी – मेरा 2014 में ऑपरेशन हुआ था, तब मैं 14 महीने का था, अब मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं और मैं क्रिकेट में बहुत।
प्रधानमंत्री – अच्छा रेगुलर चेकअप कराते हो, क्योंकि अब आपको 11 साल हो गए हैं आपका ऑपरेशन किए?
नन्हें लाभार्थी – यस सर।
प्रधानमंत्री – तो रेगुलर चेकअप कराते हो?
नन्हें लाभार्थी – यस सर।
प्रधानमंत्री – अभी कोई तकलीफ नहीं है
नन्हें लाभार्थी – नो सर
प्रधानमंत्री – खेलते हैं
नन्हें लाभार्थी – यस सर।
प्रधानमंत्री – क्रिकेट खेलते हैं
नन्हें लाभार्थी – यस सर।
नन्हें लाभार्थी – मुझे आपसे मिलना है मैं आ सकता हूं 2 मिनट।
प्रधानमंत्री – पास आना है, आइए।
प्रधानमंत्री – कैसा लगता था जब अस्पताल में आना पड़ा, तो दवाइयां खानी पड़ती थी, इंजेक्शन लगाते होंगे, कैसा लगता था?
नन्हें लाभार्थी – सर मुझे इंजेक्शन से डर भी नहीं लगता था इसलिए मेरे को अच्छे से ऑपरेशन हुआ, मेरे को डर भी नहीं लगा।
प्रधानमंत्री – हां अच्छा, तो आपके टीचर क्या बोलते हैं?
नन्हें लाभार्थी – मेरे टीचर बोलते हैं, तुम पढ़ाई में अच्छी हो, पर थोड़ा-थोड़ा अटकती हो।
प्रधानमंत्री – अच्छा यह है, लेकिन आप सच बोल रहे हैं सच बोलने का आपको बहुत फायदा होगा।
नन्हें लाभार्थी – मैं कक्षा सातवीं में पढ़ती हूं, मेरा ऑपरेशन!
प्रधानमंत्री – सातवीं में पढ़ती हो बेटा?
नन्हें लाभार्थी – यस सर!
प्रधानमंत्री – तो आप खाती नहीं हो?
नन्हें लाभार्थी – सर खाते हैं।
प्रधानमंत्री – टीचर का सर खाती रहती हो, अच्छा बताइए।
नन्हें लाभार्थी – मेरा ऑपरेशन 2023 में हुआ था और मैं बड़ी होकर टीचर बनना चाहती हूं, क्योंकि टीचर बनने से हमारे जो गरीब बच्चे होते हैं या फिर उनको आगे बढ़ाने के लिए उनको फ्री में पढ़ाना चाहती हूं और पढ़ाई से हमारा देश आगे बढ़ता है।
प्रधानमंत्री – अच्छा आप सबको पता है, किसका शताब्दी वर्ष का यह महीना शुरू हुआ है? सत्य साईं बाबा का सौ साल। साईं बाबा ने बहुत साल पहले पुट पट्टी के आसपास पानी की बहुत किल्लत थी और खेत के लिए पानी तो नहीं था, पीने के लिए भी पानी की किल्लत थी, तो उन्होंने उस समय पानी के लिए इतना काम किया, करीब 400 गांव को पीने का पानी पहुंचाया। यानी किसी सरकार को भी इतना काम करना हो, तो कभी-कभी बहुत सोचना पड़ता है, और उसमें से हमारे लिए संदेश यह है, कि हमें पानी बचाना चाहिए, उसी प्रकार से पेड़ लगाने चाहिए। आपको मालूम है, मैं एक अभियान चलाता हूं- एक पेड़ मां के नाम। हर एक को अपनी मां अच्छी लगती है ना, तो मां के नाम हमें एक पेड़ लगाना चाहिए, अपनी मां के नाम। तो धरती मां का भी कर्ज चुकाते हैं, अपनी मां का भी कर्ज चुकाते हैं।
नन्हें लाभार्थी – मेरा नाम अभिक है, मैं वेस्ट बंगाल से हूं, मुझे बड़े होकर आर्मी बनना है और मुझे देश की सेवा करनी है।
प्रधानमंत्री – देश की सेवा करोगे?
नन्हें लाभार्थी – हां
प्रधानमंत्री – पक्का?
नन्हें लाभार्थी – हां
प्रधानमंत्री – क्यों करोगे?
नन्हें लाभार्थी – क्योंकि देश के सिपाही हमारी रक्षा करते हैं, मैं भी रक्षा करना चाहता हूं!
प्रधानमंत्री – वाह वाह वाह।
नन्हें लाभार्थी – मैं हाथ मिलाना चाहता हूं।
नन्हें लाभार्थी – मेरा सपना था आपसे मिलने का।
प्रधानमंत्री – अच्छा, कब सपना आया था, आज को आया था कि पहले आया था?
नन्हें लाभार्थी – बहुत पहले था।
प्रधानमंत्री – जानती थी मुझे?
नन्हें लाभार्थी – न्यूज़ में आपको देखा था।
नन्हें लाभार्थी – प्रधानमंत्री न्यूज़ में पढ़ती देखती हो, अच्छा। चलिए बहुत अच्छा लगा मुझे आप सब से बात करके। अब आपको कोई भी अच्छा काम करना है, तो उसका साधन हमारा शरीर होता है, तो हमें अपना शरीर स्वस्थ रखना चाहिए, कुछ योगा करना, कुछ नियम से सोना, यह बहुत पक्का कर लेना चाहिए। इसके लिए आप लोगों को बहुत ध्यान रखना चाहिए। रखेंगे? पक्का रखेंगे? चलिए मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं आपको।
]]>प्रभारी मंत्री श्री शर्मा ने ग्रोथ सेंटर में चल रही गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें बताया कि वर्तमान में केंद्र में हल्दी, मिर्च और धनिया का प्रसंस्करण हो रहा है जल्द ही तीखुर का प्रसंस्करण भी शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बस्तर की विशिष्ट पहचान बेलमेटल के भी उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने महिला समूह की दीदीयों से चर्चा भी की। जहां महिला समूह की सदस्यों ने उन्हें मसालों की खरीदी, प्रसंस्करण तथा बिक्री प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी और उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी के उत्कृष्ट कार्य और मेहनत के लिए सभी की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि बस्तर में प्रचुरता से उपलब्ध स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण पर कार्य करें, जिससे आय में वृद्धि के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति प्राप्त होगी।
भविष्य की योजनाओं को गति देते हुए उन्होंने केंद्र में इमली प्रसंस्करण इकाई को जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्व-सहायता समूहों को इमली का बीज, तीखुर की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए इनके उत्पादक क्षेत्रों की मैपिंग कर महिला समूहों के माध्यम से संग्रहण करवाकर प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग कराने को कहा। जिससे मूल्यवर्धन हो और महिलाओं को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
उन्होंने महिला समूहों के लिए कोल्ड स्टोरेज बनाने और महुआ से लड्डू, कुकीज़, काजू एवं रागी प्रीमिक्स तथा अन्य स्थानीय उत्पादित उत्पादों का प्रसंस्करण कराकर मूल्यवर्धन कराने को कहा ताकि ग्रामीण महिलाओं को घर बैठे रोजगार प्राप्त हो और बस्तर की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।
इस मौके पर पूर्व विधायक श्री सुभाऊ कश्यप, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन सहित, जनपद सीईओ श्री अमित भाटिया, जनप्रतिनिधि, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जिला कार्यक प्रबंधक, पी डब्ल्यू सी टीम एवं अन्य कर्मचारी और महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य मौजूद रहीं।
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