कोरबा (वीएनएस)। कोरोना महामारी से बचने के लिए अब 15 से 18 वर्ष के बच्चों का कोविड टीकाकरण शुरू हो गया है। जिले में स्कूली बच्चों को टीका लगाने के लिए स्कूलों में 187 टीकाकरण केंद्र बनाये गये हैं। टीकाकरण के पहले दिन कोरोना से बचने के लिए स्कूली बच्चों ने उत्साह के साथ कोविड वेक्सीनेशन कार्यक्रम में भाग लिया। पंद्रह से 18 वर्ष के बच्चों ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए टीका लगवाये। जिले में कुल 75 हजार 954 बच्चों को कोविड का टीका लगाया जायेगा। कोरबा के शहरी क्षेत्र में 15 से 18 वर्ष के सबसे अधिक 22 हजार 874 स्कूली बच्चों को कोविड वेक्सीन का पहला डोज दिया जायेगा। विकासखंड करतला के अन्तर्गत नौ हजार 177, कटघोरा में 10 हजार नौ, कोरबा में नौ हजार 218 पाली में 12 हजार 510 एवं पोड़ीउपरोड़ा विकासखंड में 12 हजार 165 बच्चों को कोविड का टीका लगाया जायेगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.बी.बोडे ने जिले के सभी 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों एवं शाला त्यागी किशोर-किशोरियों से कोविड महामारी से बचने टीका लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते रफ्तार को देखते हुए सभी पात्र लोगों को टीका लगवाना जरूरी है।
कोविड टीका लगने से अब मैं सुरक्षित, पढ़ाई में नहीं होगी दिक्कत

15 से 18 वर्ष के बच्चों को कोविड टीकाकरण के पहले दिन स्कूली बच्चों ने उत्साह और उमंग के साथ कोविड का टीका लगवाया। कोरबा शहर के कोसाबाड़ी स्थित निर्मला हायर सेकेण्डरी स्कूल में कक्षा 11 वीं की छात्रा सृष्टि साहू ने टीका लगवाकर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचने के लिए को-वेक्सीन का पहला डोज लगवाया है। टीका लगाने के बाद उन्हें कोई परेशानी नहीं हो रही है। सृष्टि ने कहा कि कोविड टीका लग जाने से कोरोना महामारी से बचाव होगी। उन्होंने कहा कि टीकाकरण हो जाने से अब उन्हें पढ़ाई और स्कूल आने में भी कोई दिक्कत नहीं होगी। निर्मला स्कूल के ही कक्षा 11 वीं की छात्रा भावना कैवर्त ने कहा कि पहले कोविड टीका नहीं लगा था तो कोरोना का डर बना रहता था। स्कूल आने में भी कोरोना महामारी का भय रहता था। उन्होंने कहा कि आज कोविड टीका लगवाने के पश्चात यह डर खत्म हो गया है। उन्हांेने 15 से 18 वर्ष के बच्चों को कोविड का टीका लगाने की पहल पर शासन का आभार भी जताया। भावना ने सभी पात्र लोगों को कोविड महामारी से बचने कोविड टीका लगवाने के लिए भी कहा। इसी प्रकार शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साडा के 10 वीं की छात्रा प्रियंका पुरोहित, खुशबू, प्राची राठौर, कोमल केशरवानी, पूजा श्रीवास एवं प्रगति केशरी आदि विद्यार्थियों ने टीका लगवाकर खुशी जताया। शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल पीडब्ल्यूडी रामपुर के कक्षा 11 वीं के छात्र संतदास महंत, करणसिंह, अभिनव उपाध्याय एवं निखिल चौहान ने भी आसानी से कोविड का टीका लगवाये।
पालकों की चिन्ता हुई दूर-
निर्मला स्कूल में अपने बच्चे को टीका लगवाने के लिए आये संतोष दास महंत ने कहा कि बच्चों को स्कूल भेेेेेजने में कोरोना का डर सताते रहता था। बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें स्कूल भेजने का मन नहीं करता था। 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना से बचने पहले से ही टीका लगाया जा रहा है। शासन द्वारा अब 15 से 18 वर्ष के बच्चों को टीका लगाने की शुरूआत हो जाने से बिना कोरोना के डर के बच्चों को स्कूल भेज सकेंगे। श्री महंत ने कक्षा 12 वीं में पढ़ रहे अपने बेटे को कोविड का टीका लगवाने के लिए स्वयं उसके साथ स्कूल तक आये। बेटे को टीका लग जाने पर श्री महंत ने खुशी जताते हुए कहा कि बच्चे के सुरक्षा के लिए अब चिन्ता दूर हो गई है। उन्होंने सभी पालकों को अपने 15 से 18 वर्ष के बच्चों का कोविड टीकाकरण करवाने की अपील भी की।
कोरबा (वीएनएस)। महापौर राज किशोर प्रसाद ने सोमवार को शासकीय कन्या साडा स्कूल से बच्चों के कोविड टीकाकरण की शुरुआत की। कन्या साडा स्कूल में इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अब बच्चे भी कोविड के टीका लगवाकर इस महामारी से सुरक्षित रहेंग़े और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी। प्रसाद ने कहा की सरकार के इस फ़ैसले से अब स्कूल जाने वाले बच्चों के पालक भी चिंता मुक्त हो जाएँगे। उन्होंने सभी छात्राओं को टीका लगवाने और कोविड के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने की समझाईश भी दी।
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कोरबा (वीएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने पुनर्वास ग्राम गंगानगर के श्मशान घाट को ग्रामीणों को सूचित किये बिना और बगैर उनकी सहमति के श्मशान घाट को एसईसीएल द्वारा हटाये जाने की कोशिश का विरोध किया है और मांग की है कि पहले नए स्थायी श्मशान घाट का निर्माण कराया जाए और पुराने श्मशान घाट में निर्मित मठों (स्मारकों) को सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार विस्थापित करने की प्रक्रिया को पूर्ण कराया जाए।
उल्लेखनीय है कि एसईसीएल, गेवरा ने ग्राम घाटमुड़ा का अधिग्रहण वर्ष 1981-82 में किया था। अधिग्रहण के बाद उन्हें गंगानगर में बसाया गया था, लेकिन पूर्ण पुनर्वास के अभाव में उन्हें श्मशान घाट के लिए भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है। बसाहट के बाद ग्रामीण अब तक जिस जगह पर कफन-दफन कर रहे हैं, एसईसीएल ने डोजर चलाकर उसे हटाने का प्रयास किया, जिसका ग्रामीणों ने तीखा विरोध किया।
माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा है कि शमशान घाट में ग्रामीणों ने अपने पूर्वजों की याद में मठों (स्मारकों) का निर्माण कराया है और वे ग्रामीणों की आस्था के प्रतीक और धरोहर है। इन स्मृति-चिन्हों को बुलडोज़र से नेस्तनाबूद करना अनैतिक और असामाजिक कृत्य है, जिसकी इजाजत एसईसीएल को नहीं दी जाएगी। यदि एसईसीएल ऐसा जबर्दस्ती करेगा, तो शांति भंग होगी।
माकपा ने इस संबंध में एक ज्ञापन एसडीएम कटघोरा और एसईसीएल गेवरा महाप्रबंधक को सौंपा है और उनसे ग्रामीणों के पक्ष में हस्तक्षेप करने की मांग की है कार्य के विरोध में संजय यादव,जवाहर सिंह कंवर, रघु,परमेश्वर, विनोद,शिव,कमलेश, रविंद्र,चिंटू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
कोरबा (वीएनएस)। सुप्रसिद्ध साहित्यकार व कवि त्रिलोक महावर के जन्म दिवस के अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार व कवि विनोद कुमार शुक्ल ने रायपुर के वृंदावन भवन में उनकी कविता संग्रह ‘नदी के लिए सोचो’ का विमोचन किया।
सृजन बिंब नागपुर द्वारा प्रकाशित महावर का यह कविता संग्रह विशेष रुप से नदियों की वर्तमान दुर्दशा और पर्यावरण पर मंडराते खतरों को प्रभावशाली तरीके से उजागर करता है। इस संग्रह में न केवल प्रकृति और पर्यावरण के प्रति गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, अपितु जन सहयोग के लिए आह्वान भी किया गया है। वर्तमान परिस्थितियों में प्रकृति, पर्यावरण, नदी तथा जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण रचना है। इस संग्रह में बस्तर की इंद्रावती से लेकर गंगा यमुना और दुनिया भर की नदियों के बारे में कवि का गहरा चिंतन स्पष्ट रूप से झलकता है। स्वयं त्रिलोक महावर भी अनुपम मिश्र के समय से जल एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों से सक्रिय रुप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बेतवा उत्थान में सक्रिय भूमिका भी अदा की और बस्तर की इंद्रावती के संरक्षण में जुटे श्रमदानियों के साथ अपनी आवाज भी साझा की।
उल्लेखनीय है कि श्री महावर के अब तक विस्मित न होना, इतना ही नमक, हिज्जे सुधारता है चांद, शब्दों से परे 5 कविता संग्रह आ चुके हैं ।अभी हाल में ही वरिष्ठ साहित्यकार शशांक द्वारा संपादित उनकी कविताओं पर केंद्रित विमर्शकी किताब कविता का नया रूपा कार प्रकाशित हुई है, जिसमें रामकुमार तिवारी सहित देश भर के 30 जाने-माने समीक्षक एवं साहित्यकारों ने महावर की कविताओं पर अपने विचार प्रकट किए हैं, जो काफी चर्चित रही । महावर बहुमुखी प्रतिभा के धनी है ।कहानी ,लघु कथा ,बाल साहित्य, जनजातीय विषयों और लोक बोलियां पर उन्होंने काम किया है। लगभग चार दशको तक आकाशवाणी एवं दूरदर्शन में भी उन्होंने विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देशभर के प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में उनकी रचनाएं प्रकाशित हुई है।
साहित्य सर्जन के अलावा ज्योतिष गायन क्रिकेट और बैडमिंटन में उनकी गहरी रुचि है उन्होंने ड्यूक यूनिवर्सिटी अमेरिका एवं एवं सांस पो यूनिवर्सिटी फ्रांस में प्रशासनिक प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है
वे रोटरेक्ट क्लब के संस्थापक अध्यक्ष तरुण साहित्य समिति के सचिव तथा नव आयाम साहित्यिक सांस्कृतिक मंच के सचिव और बस्तर प्रकृति बचाओ समिति बेस्कॉन के संस्थापक सदस्य व कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं।उन्हें बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स तथा थान खमरिया हिंदी साहित्य समिति द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। पं मदन मोहन मालवीय स्मृति पुरस्कार,नई दिल्ली , अंबिका प्रसाद दिव्य पुरस्कार, विदिशा मध्य प्रदेश में साहित्य की बात संस्था द्वारा घनश्याम मुरारी पुष्प साहित्य के शीर्ष सम्मान एवं पंजाब कला साहित्य अकादमी आदि राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है श्री महावर भारतीय प्रशासनिक सेवा में धमतरी जांजगीर चांपा एवं मुंगेली में कलेक्टर तथा सरगुजा बिलासपुर एवं दुर्ग संभागों में कमिश्नर मंत्रालय एवं लोक आयोग में सचिव सरगुजा विश्वविद्यालय में कुलपति भी रह चुके हैं वर्तमान में प्रशासन अकादमी रायपुर में संचालक के पद पर पदस्थ हैं।
इस समारोह में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं साहित्यकार कल्याण कुमार चक्रवर्ती सुशील त्रिवेदी सतीश जायसवाल संजीव बक्शी रमेश अनुपम गिरीश पंकज एवं जाने-माने साहित्यकार उपस्थित रहे छत्तीसगढ़ फिल्म एंड विजुअल आर्ट सोसाइटी के प्रमुख सुभाष मिश्रा ने कार्यक्रम का संचालन किया।
ब्यास नारायण यादव, कोरबा (वीएनएस)। ग्राम सलोरा के पास मौजूद 400 केवी के बंद लाईन के टाॅवर का एंगल अज्ञात चोरों ने काट लिया, जिससे टावर झुक गया। यही वजह है, कि प्रदेश के आधा दर्जन जिलों में अंधेरा पसर गया।
जिले में चोरों के हौंसले किस कदर बुलंद हो चले हैं इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि उनके द्वारा बिजली के हाईटेंशन टाॅवरों को भी निशाना बनाया जा रहा है। रविवार को वंदना पाॅवर प्लांट के बंद लाईन के 400 केवी टाॅवर का एंगल अज्ञात चोर काटकर ले गए। उनकी इस तरतूत से टाॅवर झुक गया और अर्थिंग से टकराने के कारण विद्युत वितरण व्यवस्था प्रभावित हो गई।
इस घटना के बाद से सरगूजा संभाग के चार जिले व कोरबा के पाली, कटघोरा, चैतमा, छुरी में भी आपूर्ती व्यवस्था प्रभावित हुई है। व्यवस्था सुधारने को लेकर ट्रांसमिशन अमला लगा हुआ है। अधिकारियों ने कहा है, कि चार दिनों के भीतर ब्लैक आउट की स्थिति से निपट लिया जाएगा।
अभी वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे बिजली पहुंचाई जा रही है। हाईटेंशन टाॅवर को फिर से खड़ा करने का काम तीव्र गति से किया जा रहा है। वहीं पुलिस अज्ञात चोरों के खिलाफ अपराध कायम कर उनकी पतासाजी में जुट गई है।

कोरबा (वीएनएस)। धान खरीदी के महापर्व में कोरबा जिले में अब तक 16 हजार 895 किसानों का 133 करोड़ 98 लाख रूपए से अधिक का धान खरीदा जा चुका है। कोरबा जिले में 55 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी जारी है। जिले के किसानों से अब तक छह लाख 90 हजार 552 क्विंटल धान सहकारी समितियों द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदा जा चुका है। कोरबा में धान खरीदी को लेकर किसानों में अच्छा उत्साह है। नियमित रूप से किसानों के टोकन कटने, धान की तौलाई और भुगतान जैसी सुविधाओं से किसानों में अपनी मेहनत से उगाए धान को समितियों में बेचने का अलग उत्साह है। किसानों को अपना धान बेचने के लिए किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। इसके साथ ही तेजी से धान उठाव के लिए मिलर्स को डीओ भी जारी किए जा रहे हैं।
जिले के 55 धान खरीदी केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की सभी व्यवस्थाओं से किसानों में धान बेचने के लिए खासा उत्साह है। जिले में 31 दिसंबर तक छह लाख 90 हजार 552 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। इसमें से छह लाख 25 हजार 540 क्विंटल मोटा और 63 हजार 998 क्विंटल 40 किलो सरना और एक हजार 013 क्विंटल 60 किलो पतला धान शामिल है। जिले में 03 जनवरी को धान बेचने के लिए एक हजार 221 किसानों को टोकन जारी किए गए हैं। इन किसानों से लगभग 51 हजार 054 क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी।
कोरबा जिले में अभी तक मिलरों द्वारा कुल खरीदे गए धान में से लगभग 55 प्रतिशत धान का उठाव कर लिया गया है। मिलर्स ने खरीदी केन्द्रों से तीन लाख 80 हजार 856 क्विंटल से अधिक धान उठा लिया है। जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि जिले के खरीदी केन्द्रों से तीन लाख 38 हजार 616 क्विंटल मोटा और 42 हजार 240 क्विंटल सरना धान का उठाव मिलरों द्वारा कर लिया गया है। जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि सभी समितियों में धान की शेष मात्रा निर्धारित बफर लिमिट के आसपास ही है और लगातार डीओ कटने से मिलरों को तत्काल गाड़ियां लगवाकर धान उठाव के लिए निर्देशित भी किया जा रहा है।
सोमवार को खरीदी केन्द्रों पर एक हजार 221 किसानों से खरीदा जाएगा लगभग 51 हजार 054 क्विंटल धान- सोमवार 03 जनवरी को एक हजार 221 किसानों को धान बेचने के लिए उपार्जन केन्द्रों से टोकन जारी कर दिए गए हैं। 03 जनवरी को इन किसानों से 51 हजार 054 क्विंटल से अधिक धान समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। सोमवार को धान खरीदी केन्द्र अखरापाली में 27, उतरदा में 46, कटघोरा में 17, कनकी में 38, करतला में 23, केरवाद्वारी में 22, कुलहरिया में 34, कोथारी में 30, कोरकोमा में 39, कोरबी पाली में 28, पोड़ी-उपरोड़ा कोरबी में 27, चैतमा में 28, चिकनी पाली में 21, लबेद में 24, छुरीकला में 23, सुमेधा में 11 एवं जटगा में 13 किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचेंगे।
धान खरीदी केन्द्र जटगा तुमान में 07, जवाली में 24, रंजना में 12, तुमान में 30, तिलकेजा में 22, दुरपा में 25, नवापारा में 21, बेहरचुंआ में 20, निरधि में 21, पठियापाली में 24, पसान में 19, लैंगा में 12, नुनेरा में 12, पाली में 26, पिपरिया में 09, पोड़ी में 20, पोड़ी-उपरोड़ा में 10, फरसवानी में 36, बरपाली कोरबा में 21, बरपाली में 42, बिंझरा में 18, कुदुरमाल में 20 एवं भैंसमा में 30 किसानों ने धान बेचने के लिए टोकन कटाया है। इसी प्रकार धान खरीदी केन्द्र भिलाई बाजार में 21, रामपुर में 29, लाफा में 17, श्यांग में 23, सपलवा में 08, उमरेली में 21, सुखरीकला में 19, सिरमिना में 31, दादरखुर्द में 11, सोनपुरी में 29, सोहागपुर में 40, कराईनारा में 10, नोनबिर्रा में 12 एवं हरदीबाजार में 18 किसानों को धान बेचने के लिए टोकन जारी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि सहकारी समितियों में शासकीय अवकाश के दिनों को छोड़कर सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को रविवार से शुक्रवार तक सुबह साढ़े नौ बजे से शाम पांच बजे तक टोकन जारी किये जा रहे हैं। जिले के धान खरीदी केन्द्रों में कॉमन धान एक हजार 940 रूपए प्रति क्ंिवटल और ए ग्रेड धान एक हजार 960 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। इस बार किसानों से एक दिसंबर 2021 से 31 जनवरी 2022 तक नकद और लिकिंग में धान की खरीदी की जा रही है। प्रदेश के किसानों से अधिकतम 15 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तक धान खरीदा जा रहा है।

कोरबा (वीएनएस)। कलेक्टर ने जिले के विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों को नए साल की सौगात दी है। कलेक्टर रानू साहू ने शिष्यवृत्ति, यात्राभत्ता और सहयोगी भत्ता के रूप में दिव्यांग बच्चों के लिए कुल 8 लाख 94 हजार 800 रूपए की राशि स्वीकृत की है। यह राशि दिव्यांग बच्चों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। दिव्यांग बच्चों के लिए राशि स्वीकृत हो जाने से उनके पढ़ाई लिखाई और जरूरी ईलाज के काम में सहुलियत होगी। इसके तहत जिले के कुल 465 दिव्यांग बालक-बालिकाएं विशेष भत्ते से लाभान्वित होंगे। यह राशि विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बालिकाओं को 10 माह का, दृष्टि बाधित एवं अस्थि बाधित बच्चों को छह-छह माह का एक मुश्त प्रदान किया जाएगा। लाभान्वित होने वाले बालक-बालिकाओं में 289 विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बालिकाएं, 136 अस्थि बाधित दिव्यांग बालक-बालिकाएं एवं 40 पूर्ण दृष्टि बाधित दिव्यांग छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी जी. पी. भारद्वाज ने बताया कि विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बालिकाओं के शिक्षा प्रोत्साहन के लिए प्रत्येक दिव्यांग बालिकाओं को 200 रूपए प्रतिमाह की दर से कुल दस माह का भत्ता एक मुश्त दो हजार रूपए दिया जाएगा। इसके लिए जिले के कुल 289 दिव्यांग बालिकाओं को शिष्यवृत्ति देने के लिए कुल पांच लाख 78 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार कमर के निचले हिस्से से ग्रसित अस्थि बाधित दिव्यांग बालक-बालिकाओं के शिक्षा प्रोत्साहन के लिए 300 रूपए प्रतिमाह की मान से छह माह का सहयोगी भत्ता एक मुश्त 1800 रूपए प्रदान किया जाएगा। इसके लिए 136 अस्थि बाधित बालक-बालिकाओं के लिए कुल दो लाख 02 लाख 44 हजार 800 रूपए स्वीकृत की गई है। जिले के पूर्ण रूप से दृष्टि बाधित 40 दिव्यांग बच्चों को यात्रा भत्ता के रूप में शिक्षा प्रोत्साहन के लिए 300 रूपए प्रतिमाह के मान से छह माह का यात्रा भत्ता एक मुश्त 1800 रूपए प्रदान किया जाएगा। इसके लिए कुल 72 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गई है।

कोरबा (वीएनएस)। कोरबा शहर के मिशन रोड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अब कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक स्व. कृष्णा लाल जायसवाल के नाम से जाना जाएगा। राज्य शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। शासन द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोरबा टीडब्ल्यूडी का नामकरण स्व. कृष्णा लाल जायसवाल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोरबा टीडब्ल्यूडी के नाम से किया गया है।
पिछले वर्ष मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कोरबा प्रवास के दौरान राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने स्कूल का नाम स्व. कृष्णा लाल जायसवाल के नाम पर करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने स्कूल के नाम परिवर्तन पर सहमति जताते हुए स्कूल का नामकरण स्व. कृष्णा लाल जायसवाल के नाम पर कर दिया है। स्व. कृष्णा लाल जायसवाल पूर्व में शिक्षक और कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक पद पर रहकर कोरबा जिले में जनसेवा के लिए समर्पित थे।
कोरबा (वीएनएस)। नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में भण्डारित चांवल में से खराब गुणवत्ता के चांवल रिप्लेस किए जाएंगे। कलेक्टर रानू साहू ने खराब गुणवत्ता के चांवल के बदले अच्छी गुणवत्ता के चांवल संबंधित मिलर से बदलवाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। कोरबा एवं छुरी के गोदामों में छह हजार 255 क्विंटल अमानक चांवल के बदले अच्छी गुणवत्ता के चांवल भण्डारित किए जाएंगे।
जिला प्रशासन द्वारा नान गोदाम में भण्डारित चांवल के गुणवत्ता परीक्षण के लिए जांच समिति गठित किया गया है। जांच समिति द्वारा वेयर हाउस कॉर्पोरेशन के कोरबा एवं छुरी के गोदामों में उपलब्ध 59 स्टेकों से चांवल का सैम्पल परीक्षण के लिए लिया गया था। जांच में 54 स्टेक मानक श्रेणी के अंतर्गत पाया गया। पांच स्टेकों में 16 हजार 001 बोरी में उपलब्ध छह हजार 255 क्विंटल चांवल में ब्रोकन एवं डिस्कलर की मात्रा निर्धारित मापदण्ड से अधिक पाया गया। परीक्षण के दौरान रिजेक्शन लिमिट वाले पांच स्टेकों के चांवल को संबंधित मिलर से रिप्लेस करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं।