जापान की अंतरिक्ष एजेंसी ने सोमवार को H-IIA रॉकेट के नियोजित प्रक्षेपण को निलंबित कर दिया, जिसे चंद्रमा लैंडर को अंतरिक्ष में ले जाना था. मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज (MHI) की लॉन्च सेवा इकाई ने योजनाबद्ध लॉन्च समय से 24 मिनट पहले सोशल मीडिया साइट एक्स (जिसे पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था) पर एक पोस्ट में कहा कि ऊपरी वायुमंडल में अनुपयुक्त हवा की स्थिति के कारण लॉन्च रद्द कर दिया गया.
बता दें कि H-IIA नंबर 47 रॉकेट को सोमवार को स्थानीय समय (0026 GMT) सुबह 9:26 बजे दक्षिणी जापान में जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) के तनेगाशिमा स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाना था. चंद्रमा की जांच के लिए स्मार्ट लैंडर, या SLIM जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) द्वारा विकसित किया गया था.
रिपोर्ट के अनुसार इसके कार्यों में चंद्रमा की चट्टानों की खोज करना और सटीक लैंडिंग प्रक्रियाओं को प्रदर्शित करना शामिल है. यदि भविष्य में जापान का यह मून मिशन लॉन्च होता है और चांद की सतह पर लैंड करता है तो जापान चंद्रमा पर सफलतापूर्वक यान उतारने वाला दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा. रॉकेट JAXA के स्मार्ट लैंडर फॉर इन्वेस्टिगेटिंग मून (SLIM) को ले जा रहा है, जो चंद्रमा पर उतरने वाला पहला जापानी अंतरिक्ष यान होगा.
]]>ब्लैकटाउन सिटी काउंसिल के प्रवक्ता ने द ऑस्ट्रेलियन टुडे को बताया, “काउंसिल ने आज सुबह इस बुकिंग को रद्द कर दिया है क्योंकि यह लागू काउंसिल पॉलिसी के खिलाफ है. काउंसिल कर्मचारियों, परिषद की संपत्ति और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं उठा सकती है.
अरविंद गौड़ की ओर से परिषद को एसएफजे से संबंधित कार्यक्रम की शिकायत की गई थी. गौड़ ने सिख फॉर जस्टिस प्रचार कार्यक्रम द्वारा पोस्टर और बैनर के माध्यम से आतंकवादियों की प्रशंसा किए जाने की शिकायत की थी. गौड़ ने द ऑस्ट्रेलिया टुडे को बताया कि उन्हें परिषद की सीईओ केरी रॉबिन्सन से एक जवाब मिला है जिसमें बताया गया है कि परिषद के अधिकारियों द्वारा अनधिकृत बैनर और पोस्टर हटाए जा रहे हैं और उन्होंने एनएसडब्ल्यू पुलिस से सलाह मांगी है. रॉबिंसन कहती हैं कि हम शहर के चारों ओर सार्वजनिक संपत्ति पर लगे बैनर और पोस्टर हटा रहे हैं क्योंकि ये हमारी स्वीकृति के बिना लगाए गए हैं.
ऑस्ट्रेलिया टुडे का मानना है कि एनएसडब्ल्यू पुलिस, एएसआईओ, एएफपी और डीएफएटी ने खालिस्तान प्रचार कार्यक्रम के लिए दी गई अनुमति को वापस ले लिया है. यह भी बताया गया है कि विक्टोरिया में रजिस्टर्ड ‘सिख फॉर जस्टिस प्राइवेट लिमिटेड’ को लेकर जांच भी चल रही है. इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि हम बेहिसाब पैसे के लेन-देन के संबंध में जांच कर रहे हैं.
ऑस्ट्रेलिया टुडे ने सिख फॉर जस्टिस प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया है, हालांकि, उन्हें अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.
इस सप्ताह की शुरुआत में खालिस्तान समर्थकों द्वारा BAPS स्वामीनारायण मंदिर रोजहिल पर हिंदू-विरोधी बर्बरतापूर्ण हमला भी किया गया था. हिंदू, इस्लामिक और सिख धार्मिक नेताओं ने हमले की निंदा की और अधिकारियों से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आह्वान किया.
काउंसिल का निर्णय किसी भी तरह से भारत या पाकिस्तान के आंतरिक मामलों से संबंधित किसी भी राजनीतिक स्थिति का समर्थन या आलोचना नहीं है और इसे किसी विशेष राजनीतिक स्थिति के समर्थन के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए.”
उधर, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने ब्लैकटाउन सिटी काउंसिल के इस फैसले पर खुशी जताई है. आरपी सिंह ने ट्वीट किया कि मैं खालिस्तान जनमत संग्रह कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाने के लिए ब्लैकटाउन नगर परिषद, सिडनी के फैसले का स्वागत करता हूं. मुझे आशा है कि ऑस्ट्रेलिया की अन्य नगर परिषदें भी इसका पालन करेंगी.
]]>रिपोर्ट में कहा गया है कि ये स्टेशन कुछ चीनी नागरिकों या विदेश में उनके रिश्तेदारों पर आपराधिक आरोपों का सामना करने के लिए चीन लौटने का दबाव बनाने के बीजिंग के प्रयासों का विस्तार थे. संगठन ने इसे चीन के यूनाइटेड फ्रंट वर्क डिपार्टमेंट की गतिविधियों से भी जोड़ा है. साथ ही इन पुलिस स्टेशन की मदद से कम्युनिस्ट पार्टी के एक निकाय पर विदेशों में अपना प्रभाव जमाने और प्रचार प्रसार करने का आरोप लगाया है. रिपोर्ट सामने आने के बाद अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी ने इन स्टेशन के प्रभाव के बारे में बाइडन प्रशासन से जवाब मांगा है.
अमेरिकी संप्रभुता का उल्लंघन
एफबीआई के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने कहा कि चीन के पुलिस स्टेशन अमेरिकी संप्रभुता का उल्लंघन करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि ‘यह सोचना उनके लिए अपमानजनक है कि चीनी पुलिस अमेरिका में बिना किसी बातचीत के ही अपना कथित स्टेशन खोल लेगी. वहीं रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट द्वारा पूछे जाने पर कि क्या ऐसे स्टेशन अमेरिकी कानून का उल्लंघन करते हैं, रे ने कहा कि एफबीआई ‘कानूनी मापदंडों’ को देख रही है.’
बता दें कि इससे पहले 1 अक्टूबर को क्रेमिलन के नजदीक सेंट जॉर्ज हॉल में दिए अपने औपचारिक भाषण में भी पुतिन ने दुनिया को पश्चिम की औपनिवेशिक नीति, भारत और अफ्रीका में लूटपाट, दास व्यापार औैर अमेरिका द्वारा परमाणु एवं रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के बारे में याद दिलाया था. इस दौरान पुतिन ने पश्चिमी देशों की नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था पर जोर को ‘अव्वल दर्जे का धोखा’ करार दिया और उनके ‘दोहरे मानक’ की निंदा की. उन्होंने यह भाषण यूक्रेन के बागी चार क्षेत्रों लुहांस्क, दोनेत्स्क, खोरसोन और जापोरिज्ज्या में कथित जनमत संग्रह के कई दिनों बाद दिया, जिसे यूक्रेन और पश्चिमी देश खारिज कर चुके हैं,
पुतिन ने कहा, ‘हम सब सुन रहे हैं कि पश्चिम नियम आधारित व्यवस्था पर जोर दे रहा है, हालांकि, यह कहां से आता है? किसी ने इन नियमों को कभी देखा है? किसने इनपर सहमति जताई है या मंजूरी दी है? सुनो, यह पूरी तरह से बकवास, धोखेबाजी और दोहरा मानक है, यहां तक कि तिहरा मानक है, वे समझते हैं कि हम बेवकूफ हैं,’
भारत-अफ्रीका का जिक्र कर साधा निशाना
क्रेमलिन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध भाषण के अंग्रेजी संस्करण के मुताबिक पुतिन ने कहा रूस और उसकी सभ्यता हजार साल से महान शक्ति है और यह अस्थायी, झूठे नियमों से नहीं बदलेगी, पुतिन ने कहा कि पश्चिमी कुलीन यहां तक सभी के प्रति अपने ऐतिहासिक अपराध के प्रति ग्लानि को लेकर रुख बदल रहे हैं और उन देशों और अन्य लोगों से मांग कर रहे हैं कि वे गलती स्वीकार करें जिससे उनका कोई लेना देना ही नहीं है, उदाहरण के लिए औपनिवेशिक काल में किए गए हमले,
उन्होंने कहा, ‘पश्चिम को याद दिलाना सार्थक है कि उसने मध्यकाल में औपनिवेशिक नीति की शुरुआत की, जिसके बाद दास कारोबार किया, अमेरिका के मूल निवासियों (रेड इंडियन) का जनसंहार किया, भारत और अफ्रीका में लूट-पाट की… यह मानवीय प्रकृति, सच्चाई, स्वतंत्रता और न्याय के विपरित है.’
]]>शुरुआती खबरों के मुताबिक कम से कम 5 लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो बंदूक की गोली के शिकार हुए. जबकि ऐसे दो लोग थे, जिनको दूसरी चोटें आईं है. माना जा रहा है कि संभवतः घटनास्थल से भागते समय ये लोग घायल हुए. घायलों की हालत के बारे में तत्काल कुछ नहीं बताया गया. एक अधिकारी ने अपने बयान में लोगों से कहा कि इलाके में इस समय चल रही आपातकालीन सेवाओं के कारण केनीवुड पार्क में इस समय जाने से बचें. बयान में कहा गया कि जैसे ही हमारे पास अधिक जानकारी आती है, लोगों को उसके बारे में बताया जाएगा.
]]>70 साल तक राजगद्दी पर आसीन रहीं महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का आठ सितंबर को बाल्मोरल कैसल स्थित उनके आवास में निधन हो गया था. वह 96 वर्ष की थीं.
महारानी के ताबूत को अंतिम संस्कार के लिए जुलूस की शक्ल में धीरे-धीरे विंडसर कैसल की ओर ले जाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन समेत दुनियाभर के करीब 500 नेता एवं शाही परिवार के लोग शामिल हुए हैं.
]]>न्यूज एजेंसी ANI ने वॉल स्ट्रीट जॉर्नल के हवाले से बताया है कि चीन में मंकीपॉक्स संक्रमण का पहला मामला चोंगकिंग सिटी में पाया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, चोंगकिंग के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि विदेश से यहां पहुंचे शख्स के शरीर पर चकत्ते पाए जाने के साथ ही अन्य लक्षण भी पाए गए थे. इसके बाद कोरोना संक्रमितों की तर्ज पर उसे तत्काल क्वारंटीन कर दिया गया. प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद चीन के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने मामले की समीक्षा की थी, उसके बाद शख्स में मंकीपॉक्स संक्रमण की अंतिम पुष्टि की गई. अधिकारियों ने बताया कि संक्रमित का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसका कंडीशन स्थिर है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चोंगकिंग में प्रवेश करते ही संक्रमित को तत्काल क्वारंटीन कर दिया गया था. इस दौरान वह किसी से भी नहीं मिला था.
]]>ताइवान को बेचे जाने वाले हथियारों में लड़ाकू विमानों और मिसाइलों को ट्रैक करने में सक्षम एक प्रारंभिक रडार चेतावनी प्रणाली के लिए 66.5 करोड़ डॉलर और 60 उन्नत हार्पून मिसाइलों के लिए 35.5 करोड़ डॉलर का सौदा शामिल है. जिससे आने वाले लड़ाकू विमानों और मिसाइलों का काफी पहले पता लगाया जा सकता है. जबकि हार्पून मिसाइलें किसी भी निशाने को तबाह करने में सक्षम हैं. पेंटागन ने कहा है कि अमेरिकी विदेश विभाग ने ताइवान को 60 एंटी-शिप मिसाइलों और 100 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों सहित सैन्य उपकरणों की 1.1 अरब डॉलर की बिक्री को मंजूरी दी है.
कहा जा रहा है कि यह हथियार बिक्री का आदेश राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन से ताइवान को मिल रहे मजबूत समर्थन को दिखाता है. इस समय ताइवान को चीन के भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है. जिसने लोकतांत्रिक रूप से शासित द्वीप को कभी भी अपने नियंत्रण में लाने के लिए सेना का उपयोग करने से इंकार नहीं किया है. चीन का लगातार दावा है कि ताइवान उसका हिस्सा है. जबकि ताइपे का कहना है कि चीन ने कभी भी इस द्वीप पर शासन नहीं किया है और उसे इस पर दावा करने का कोई हक नहीं है.
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पेशावर/नई दिल्ली (वीएनएस)। भारत, अमेरिका और खाड़ी देशों के 200 से अधिक हिंदू तीर्थयात्रियों ने शनिवार को उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में 100 साल पुराने महाराजा परमहंसजी मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान सुरक्षा के लिए 600 कर्मियों की तैनाती की गई थी।
खैबर पख्तूनख्वा के करक जिले के टेरी गांव में परमहंसजी के मंदिर और ‘समाधि’ का पिछले साल जीर्णोद्धार किया गया था। वर्ष 2020 में एक भीड़ ने वहां तोड़फोड़ की थी जिसकी विश्व स्तर पर निंदा की गई थी।
हिंदुओं के समूह में भारत के लगभग 200 श्रद्धालु थे, जबकि दुबई से पंद्रह, बाकी अमेरिका और अन्य खाड़ी देशों थे। अधिकारियों ने कहा कि भारतीय यात्रियों ने लाहौर के पास वाघा सीमा पार किया और सशस्त्र कर्मियों ने उन्हें मंदिर तक पहुंचाया। इस कार्यक्रम का आयोजन पाकिस्तानी हिंदू काउंसिल द्वारा पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के सहयोग से किया गया।
नए साल के पहले दिन, अंत्येष्टि स्मारक और तेरी गांव में बड़े पैमाने पर पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में रेंजर्स, इंटेलिजेंस और एयरपोर्ट सुरक्षा बल के 600 जवानों की तैनाती की गई थी। हिंदू परिषद के अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक क्रिया शनिवार रात से लेकर रविवार की दोपहर तक चलेगा। तीर्थयात्रियों के लिए ‘हुजराओं’ (ओपन एयर रिसेप्शन रूम) को आश्रयों में बदल दिया गया था।
इस दौरान मंदिर के पास के बाजार पर्यटकों से गुलजार देखे गए और हिंदू दल के बच्चों को स्थानीय बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते हुए देखा गया। हिंदू समुदाय के कानूनी मामलों के प्रभारी रोहित कुमार ने व्यवस्थाओं और मरम्मत कार्यों के लिए पाकिस्तान सरकार की सराहना की। टेरी गांव में महाराजा परमहंस का 1919 में निधन हो गया था।

दुबई/नई दिल्ली (वीएनएस)। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण ने देश-दुनिया को डरा कर रख दिया है। इस बीच संयुक्त अरब अमीरात ने अपने उन नागरिकों की विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिन्होंने अब तक कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक नहीं ली हैं। यह प्रतिबंध यूएई में 10 जनवरी से लागू होगा। इसके अलावा यूएई के नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने बताया कि लोगों को विदेश यात्रा करने के लिए पूरी तरह वैक्सीनेटेड होने के बाद भी बूस्टर डोज लेने की आवश्यकता है। यात्रा करने योग्य होने के लिए बूस्टर डोज लेना आवश्यक है। हालांकि, यह प्रतिबंध चिकित्सा या मानवीय छूट वाले व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा।
अमेरिका व यूरोप में बढ़ते मामलों को देखते हुए हुई घोषणा
यूएई ने संयुक्त राज्य अमेरिका व यूरोप में अत्यधिक संक्रामक हो चुके ओमिक्रॉन को देखते हुए इस तरह के प्रतिबंध की घोषणा की गई है। इसके अलावा कोरोना के मामलों में भी तेजी बढ़ोतरी हो रही है।
हवाई अड्डे पर अनिवार्य रूप से होगी कोरोना जांच
यूएई ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए पीसीआर टेस्ट भी अनिवार्य कर दिया है। नए आदेशानुसार, ब्राजील, भारत, बांग्लादेश, रूस और पाकिस्तान जैसे देशों से आने वाले यात्रियों को अनिवार्य कोरोना जांच से गुजरना होगा। इसके अलावा अन्य कुछ उड़ानों से आने वाले यात्रियों का भी रैंडम पीसीआर टेस्ट होगा।
यूएई में 24 घंटे में 2556 नए मामले
यूएई के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2556 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा कोरोना के कुल मामले 7,64,493 पहुंच गई। वहीं देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 2,165 पहुंच गई है।