रिपोर्ट में क्या किया गया दावा
न्यूज एजेंसी एक्सियोस की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका किसी न्यूक्लियर डील की तैयारी पहले से ही शुरू कर चुका है. इसके लिए करीब 100 एक्सपर्ट की एक टीम तैयार रखी गई है, जो डील होने की स्थिति में ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम की निगरानी और जांच का काम संभाल सकती है.
इन एक्सपर्ट का मुख्य काम यह देखना होगा कि ईरान डील की शर्तों का पालन कर रहा है या नहीं. साथ ही वे ईरान के यूरेनियम एनरिचमेंट को रोकने और उसके मौजूदा न्यूक्लियर सामान को सुरक्षित निपटाने की योजना भी बना सकते हैं.
]]>एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में पुरी ने कहा कि हाल ही में उनसे ईरान संकट के सबसे खराब संभावित परिदृश्य के बारे में पूछा गया था. इस पर उन्होंने कहा कि यदि यह संकट 31 मार्च 2027 तक जारी रहता है, तो स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी और दुनिया वैश्विक आर्थिक मंदी (ग्लोबल डिप्रेशन) की ओर बढ़ सकती है.
हालांकि, उन्होंने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भरोसा जताया. पुरी ने कहा कि भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाई है और देश के पास पर्याप्त भंडार मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य (होर्मुज स्ट्रेट) अगले 30 दिनों तक भी बंद रहता है, तब भी भारत के पास आवश्यक ऊर्जा संसाधनों का पर्याप्त स्टॉक है.
]]>यात्रा की शुरुआत इंडोनेशिया से होगी, जिससे भारत के रक्षा संबंध काफी अच्छे हैं. प्रधानमंत्री मोदी यहां इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे. दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी है. पीएम मोदी के दौरे से पहले दिल्ली में चल रही 8वीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक में दोनों पक्ष समुद्री सुरक्षा, कनेक्टिविटी और रक्षा सहयोग पर चर्चा कर रहे हैं. इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियानो इस बैठक के लिए दिल्ली आए हुए हैं. पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापार 25 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.
]]>यह सुनवाई कांग्रेसनल एग्जीक्यूटिव कमीशन ऑन चाइना (सीईसीसी) में हुई, जो तियानमेन स्क्वायर नरसंहार की 37वीं बरसी के दिन आयोजित की गई थी. इसमें सांसदों ने कहा कि चीन के तरीके अब घरेलू दमन से आगे बढ़कर ‘ट्रांसनेशनल रिप्रेशन’ यानी सीमाओं के बाहर जाकर दमन करने की वैश्विक रणनीति बन गए हैं.
सुनवाई की शुरुआत में सह-अध्यक्ष सांसद क्रिस स्मिथ ने कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) कई तरह के तरीके इस्तेमाल कर रही है. इनमें चीन में परिवार के सदस्यों को हिरासत में लेना, लोगों की निजी जानकारी सार्वजनिक करना (डॉक्सिंग), स्पाइवेयर का इस्तेमाल, डीपफेक वीडियो, हांगकांग से जुड़े इनाम (बाउंटी) और अमेरिका में भी अवैध पुलिस स्टेशन चलाना शामिल है.
एक वक्त था जब तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते थे. संयुक्त राष्ट्र (UN) से लेकर मुस्लिम देशों के संगठन (OIC) तक, एर्दोगान ने हमेशा कश्मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ जहर उगला और पाकिस्तान का खुलकर साथ दिया. तुर्की ने न सिर्फ कूटनीतिक तौर पर भारत को घेरने की कोशिश की, बल्कि पाकिस्तान की सेना को मजबूत करने के लिए अपने सबसे घातक और आधुनिक हथियार भी सौंपे. भारत के खिलाफ एर्दोगान के इन्हीं पुराने पापों ने दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट घोल दी थी.
]]>हालांकि ईरान की इस चेतावनी के बावजूद ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है. उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास अभी भी जारी हैं और समाधान की संभावना बनी हुई है.
इधर इजरायल की राजनीति में भी इस मुद्दे को लेकर मतभेद देखने को मिले. इजरायल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन गविर ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के रुख का विरोध करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि इजरायल,अमेरिका को न कहे. उन्होंने नेतन्याहू से हिज्बुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और तेज करने की मांग की.
इस लेऑफ का सिलसिला आज 20 मई को सबसे पहले सिंगापुर के कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल से शुरू हुआ. स्थानीय समयानुसार सुबह 4 बजे प्रभावित कर्मचारियों को सूचना मिली. इसके बाद यूरोप और अमेरिका के कर्मचारियों को भी उनके समय के अनुसार नोटिफिकेशन मिलने वाले हैं. कंपनी ने कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी है ताकि प्रोसेस आसान हो सके. यह कटौती इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीमों पर सबसे ज्यादा असर डालेगी. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने जानकारी दी है कि इस साल के बाद में और छंटनी भी हो सकती है.
]]>इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. इस वीडियो में दिख रहा है कि किस तरह से धुआं निकल रहा है. इस दौरान विमान की इमरजेंसी एग्जिट से स्लाइड करके बाहर भाग रहे हैं. कुछ यात्री अपने बच्चों को लेकर विमान से उतरते भी दिख रहे हैं. विमान का इंजन कैसे फेल हुआ इसकी फिलहाल जांच की जा रही है.
एयरपोर्ट की तरफ से एक अलग बयान में कहा गया है कि यह घटना उस समय हुई जब विमान रनवे पर था; एयरपोर्ट के अधिकारियों ने कहा है कि विमान से सभी लोगों को निकाल लिया गया है.
]]>महीनों चला इलाज
GWR के अनुसार, प्यार से “नैश पोटैटो” कहे जाने वाले इस बच्चे ने जनवरी में अपने माता-पिता, मोली और रान्डेल कीन के साथ घर जाने की अनुमति मिलने से पहले, यूनिवर्सिटी ऑफ़ आयोवा हेल्थ केयर स्टीड फैमिली चिल्ड्रन हॉस्पिटल के नवजात गहन चिकित्सा इकाई में छह महीने बिताए.
नैश की मां, मोली ने कहा, “सच कहूं तो, यह अवास्तविक सा लगता है. एक साल पहले, हमें यकीन नहीं था कि उसका भविष्य कैसा होगा, और अब हमने उसका पहला जन्मदिन मनाया है.”
उन्होंने आगे कहा, “यह कई मायनों में भावनात्मक है: गर्व और थोड़ा दुःख भी कि उसका सफ़र कितना अलग रहा है. लेकिन सबसे बढ़कर, यह एक जीत जैसा लगता है. वह इतना आगे आ गया है, और यह मील का पत्थर सिर्फ़ एक साल का होना नहीं है, आशा और यहां तक पहुंचने के लिए उसने जो कुछ भी पार किया है, उसके बारे में है.”
चकोतरा फल से भी कम था वजन
अपने जन्म के समय, नैश का वज़न सिर्फ़ 285 ग्राम था यानी एक चकोतरा (Grapefruit) से भी कम और उसकी लंबाई सिर्फ़ 24 सेमी थी. मोली ने याद करते हुए कहा, “वह इतना छोटा था कि मैं उसे अपनी छाती पर भी मुश्किल से महसूस कर पाती थी.”
वह आगे बोलीं, “वह तारों और मॉनिटरों से ढका हुआ था, और मैं बहुत घबराई हुई थी… लेकिन जैसे ही उसे मेरी छाती पर रखा गया, मेरी सारी घबराहट गायब हो गई. मैंने उस स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट के लिए इतने लंबे समय से इंतज़ार किया था – ठीक-ठीक तीन हफ़्ते – और यह एक साथ शुद्ध राहत और प्यार जैसा महसूस हुआ,”
मां ने बताया कि नैश का दुनिया में जल्दी आना उसकी 20-हफ़्ते की प्रसवपूर्व जांच के बाद हुआ, जहां उसे पता चला कि उसका गर्भाशय पहले से ही 2 सेंटीमीटर फैल चुका था. कुछ दिनों बाद उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई.
लगभग छह महीने एनआईसीयू में देखभाल के बाद, नैश को जनवरी 2025 की शुरुआत में घर लौटने की इजाजत मिल गई. तब से, उसकी हालत लगातार बेहतर होती जा रही है, हालांकि उसे अभी भी कुछ अतिरिक्त सहायता की ज़रूरत है क्योंकि वह विकसित हो रहा है.
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