गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए पथराव और हिंसक झड़प के बाद स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. पत्थरबाजी के बाद गणेश पूजा करने वाले लोगों ने दूसरे गुटों के खिलाफ एक्शन की मांग की और थाने के पास रातभर प्रदर्शन किया. बताया जा रहा है पथराव और मारपीट में एक पुलिसकर्मी सहित कुछ लोग घायल हो गए हैं. स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस की भारी तैनाती है.
कहां और क्यों हुई पत्थरबाजी?
बताया जा रहा है कि नागमंगला कस्बे में उस वक्त तनाव फैल गया, जब बद्रीकोप्पलू गांव के कुछ युवक कस्बे में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकाल रहे थे. मैसूरु रोड पर दरगाह के पास जुलूस निकालने को लेकर दो गुटों के युवकों के बीच कहासुनी हुई थी. इसके बाद हिंसक झड़प हो गई. आरोप है कि धार्मिक स्थल पर पहुंचते ही कुछ उपद्रवियों ने गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस पर पथराव किया. इसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा.
पुलिस के सामने प्रदर्शन
इस घटना के बाद दोनों गुटों ने अपने-अपने धार्मिक नारे लगाने शुरू कर दिए, जिससे कस्बे में तनाव और बढ़ गया. सूत्रों ने बताया कि पथराव के दौरान कुछ लोग घायल हो गए और पुलिस को स्थिति पर काबू पाने काफी मशक्कत करनी पड़ी. आरोप है कि कुछ लोगों ने तो तलवार जैसे हथियार भी दिखाए. बद्रीकोप्पलू के युवकों ने बाद में थाने के पास जुलूस रोक दिया और उन पर पथराव करने वाले उपद्रवियों की गिरफ्तारी की मांग की. एहतियात के तौर पर मौके पर पहुंची पुलि ने सीआरपीसी 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है.
सूरत में भी हुई थी पत्थरबाजी?
कर्नाटक के मांड्या से पहले इसी तरह का नजारा गुजरात के सूरत में दिखा था. गुजरात के सूरत शहर में गणेश उत्सव के दौरान कुछ लोगों नेपंडाल पर कथित तौर पर पथराव कर दिया था. इस पत्थरबाजी में गणेश मूर्ति को नुकसान पहुंचा था. इसकी वजह से क्षेत्र में हिंसा भड़क गई और कुछ पुलिसकर्मी सहित अन्य लोग घायल हो गए. यह घटना बीते रविवार रात की है. सैयदपुरा में घटी इस घटना के सिलसिले में करीब 28 लोगों को गिरफ्ता किया गया था, जिसके बाद करीब 300 लोगों ने अपने समुदाय के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करते हुए लालगेट थाने का घेराव किया था. हिंसा ऐसी फैली थी कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था.
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए पथराव और हिंसक झड़प के बाद स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. पत्थरबाजी के बाद गणेश पूजा करने वाले लोगों ने दूसरे गुटों के खिलाफ एक्शन की मांग की और थाने के पास रातभर प्रदर्शन किया. बताया जा रहा है पथराव और मारपीट में एक पुलिसकर्मी सहित कुछ लोग घायल हो गए हैं. स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस की भारी तैनाती है.
कहां और क्यों हुई पत्थरबाजी?
बताया जा रहा है कि नागमंगला कस्बे में उस वक्त तनाव फैल गया, जब बद्रीकोप्पलू गांव के कुछ युवक कस्बे में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकाल रहे थे. मैसूरु रोड पर दरगाह के पास जुलूस निकालने को लेकर दो गुटों के युवकों के बीच कहासुनी हुई थी. इसके बाद हिंसक झड़प हो गई. आरोप है कि धार्मिक स्थल पर पहुंचते ही कुछ उपद्रवियों ने गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस पर पथराव किया. इसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा.
पुलिस के सामने प्रदर्शन
इस घटना के बाद दोनों गुटों ने अपने-अपने धार्मिक नारे लगाने शुरू कर दिए, जिससे कस्बे में तनाव और बढ़ गया. सूत्रों ने बताया कि पथराव के दौरान कुछ लोग घायल हो गए और पुलिस को स्थिति पर काबू पाने काफी मशक्कत करनी पड़ी. आरोप है कि कुछ लोगों ने तो तलवार जैसे हथियार भी दिखाए. बद्रीकोप्पलू के युवकों ने बाद में थाने के पास जुलूस रोक दिया और उन पर पथराव करने वाले उपद्रवियों की गिरफ्तारी की मांग की. एहतियात के तौर पर मौके पर पहुंची पुलि ने सीआरपीसी 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है.
सूरत में भी हुई थी पत्थरबाजी?
कर्नाटक के मांड्या से पहले इसी तरह का नजारा गुजरात के सूरत में दिखा था. गुजरात के सूरत शहर में गणेश उत्सव के दौरान कुछ लोगों नेपंडाल पर कथित तौर पर पथराव कर दिया था. इस पत्थरबाजी में गणेश मूर्ति को नुकसान पहुंचा था. इसकी वजह से क्षेत्र में हिंसा भड़क गई और कुछ पुलिसकर्मी सहित अन्य लोग घायल हो गए. यह घटना बीते रविवार रात की है. सैयदपुरा में घटी इस घटना के सिलसिले में करीब 28 लोगों को गिरफ्ता किया गया था, जिसके बाद करीब 300 लोगों ने अपने समुदाय के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करते हुए लालगेट थाने का घेराव किया था. हिंसा ऐसी फैली थी कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था.
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए पथराव और हिंसक झड़प के बाद स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. पत्थरबाजी के बाद गणेश पूजा करने वाले लोगों ने दूसरे गुटों के खिलाफ एक्शन की मांग की और थाने के पास रातभर प्रदर्शन किया. बताया जा रहा है पथराव और मारपीट में एक पुलिसकर्मी सहित कुछ लोग घायल हो गए हैं. स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस की भारी तैनाती है.
कहां और क्यों हुई पत्थरबाजी?
बताया जा रहा है कि नागमंगला कस्बे में उस वक्त तनाव फैल गया, जब बद्रीकोप्पलू गांव के कुछ युवक कस्बे में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकाल रहे थे. मैसूरु रोड पर दरगाह के पास जुलूस निकालने को लेकर दो गुटों के युवकों के बीच कहासुनी हुई थी. इसके बाद हिंसक झड़प हो गई. आरोप है कि धार्मिक स्थल पर पहुंचते ही कुछ उपद्रवियों ने गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस पर पथराव किया. इसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा.
पुलिस के सामने प्रदर्शन
इस घटना के बाद दोनों गुटों ने अपने-अपने धार्मिक नारे लगाने शुरू कर दिए, जिससे कस्बे में तनाव और बढ़ गया. सूत्रों ने बताया कि पथराव के दौरान कुछ लोग घायल हो गए और पुलिस को स्थिति पर काबू पाने काफी मशक्कत करनी पड़ी. आरोप है कि कुछ लोगों ने तो तलवार जैसे हथियार भी दिखाए. बद्रीकोप्पलू के युवकों ने बाद में थाने के पास जुलूस रोक दिया और उन पर पथराव करने वाले उपद्रवियों की गिरफ्तारी की मांग की. एहतियात के तौर पर मौके पर पहुंची पुलि ने सीआरपीसी 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है.
सूरत में भी हुई थी पत्थरबाजी?
कर्नाटक के मांड्या से पहले इसी तरह का नजारा गुजरात के सूरत में दिखा था. गुजरात के सूरत शहर में गणेश उत्सव के दौरान कुछ लोगों नेपंडाल पर कथित तौर पर पथराव कर दिया था. इस पत्थरबाजी में गणेश मूर्ति को नुकसान पहुंचा था. इसकी वजह से क्षेत्र में हिंसा भड़क गई और कुछ पुलिसकर्मी सहित अन्य लोग घायल हो गए. यह घटना बीते रविवार रात की है. सैयदपुरा में घटी इस घटना के सिलसिले में करीब 28 लोगों को गिरफ्ता किया गया था, जिसके बाद करीब 300 लोगों ने अपने समुदाय के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करते हुए लालगेट थाने का घेराव किया था. हिंसा ऐसी फैली थी कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था.