फर्स्ट एड को लेकर जरूर सिखाएं ये 4 चीजें
यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशांबी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. एपी सिंह का कहना है कि सही जानकारी और तत्काल फैसला लेकर आपात स्थिति में बिना घबराए सबसे पहले यह देखें कि व्यक्ति को किस प्रकार की मदद की जरूरत है. अगर व्यक्ति बेहोश है तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं और उसे होश आने तक सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू कर दें. कोशिश करें कि आपके घर में जितने भी सदस्य हैं, फिर चाहे वे बच्चे हैं या बूढ़े हैं, वे इन चार इमरजेंसी फर्स्ट एड के बारे में अच्छी तरह ट्रेंड हों.
1. रक्तस्राव (ब्लीडिंग) होने पर- बच्चों और बड़ों को जरूर सिखाएं कि अगर व्यक्ति को घाव हुआ है और खून बह रहा है, तो उसे सबसे पहले साफ कपड़े या पट्टी से कसकर बांधें. घाव को ऊंचाई पर रखें ताकि रक्तस्राव कम हो और फिर अस्पताल लेकर जाएं.
2. जलने की स्थिति में क्या करें-किसी के जल जाने पर उस हिस्से को ठंडे पानी में 10-15 मिनट के लिए रखें. जलने वाली जगह पर बर्फ या टूथपेस्ट लगाने की गलती न करें. जलने वाली जगह पर कुछ देर तक ठंडा दूध भी डाल सकते हैं, इससे फफोले या निशान नहीं बनते हैं और जलन में भी राहत मिलती है.
3. हड्डी टूटने पर- अगर कोई गिर जाए या फिसल जाए और आपको लगे कि व्यक्ति या बच्चे की हड्डी टूटी है, तो उसे हिलाने या दबाने की कोशिश न करें. ऐसी स्थिति में पेन किलर स्प्रे अगर है तो उसे छिड़ककर सीधे डॉक्टर के पास जाएं और तब तक उस अंग को स्थिर रखने की कोशिश करें.
4. सीपीआर दें- सीपीआर देना घर के हर व्यक्ति को आना चाहिए. यहां तक कि आपके घर के बच्चों को भी सीपीआर देना जरूर सिखाएं. उन्हें सिखाएं कि अगर कोई व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा है, उसकी नब्ज या धड़कन नहीं आ रही है और शरीर का कोई अंग भी नहीं हिल डुल रहा है तो इसका मतलब है कि उसे हार्ट अटैक आया है, ऐसे में तुरंत सीपीआर दें. दोनों हथेली के दवाब से उसके सीने के बीचोंबीच जोर-जोर से दबाएं. ऐसा तब तक करते रहें जब तक होश न आ जाए या मरीज अस्पताल न पहुंच जाए.
फर्स्ट एड किट कैसे बनाएं
किसी भी खाली डब्बे को अच्छे तरह से साफ कर लें. उसके ऊपरी हिस्से पर लाल टेप या रंग से क्रॉस का निशान लगा लें ताकि इमरजेंसी में बॉक्स को पहचानने में किसी तरह की कोई समस्या न हो. इसके बाद कुछ जरूरी चीजें जैसे बैंड एड, पट्टी, एंटीसेप्टिक क्रीम, बुखार और सिर दर्द की दवाई, डायरिया की दवाई, पेन रिलीफ स्प्रे, गरम पट्टी, बरनॉल, एंटी एसिड, डिटॉल और एंटी बैक्टीरियल जैसी क्रीम रखें. यह आप अपने बच्चों के साथ भी बना सकते हैं, जिससे उनमें इसके बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ेगी और वे इस बारे में सीख भी सकेंगे. उन्हें साथ ही साथ इनके उपयोग के बारे में बताते चलें. ज्यादा स्पष्टता के लिए आप दवाओं पर स्टीकर लगाकर उनके उपयोग के बारे में भी लिख सकते हैं, ताकि देखते ही समझ आ जाए कि यह किस चीज की दवा है.
बच्चे से लेकर बड़ों को हो फर्स्ट एड की जानकारी
डॉ एपी सिंह कहते हैं कि फर्स्ट एड की जानकारी घर में मौजूद हर सदस्य को होनी चाहिए, क्योंकि आपातकाल में इसका सही उपयोग किसी को भी मौत के मुंह से वापस ला सकता है. सीपीआर या ब्लीडिंग रोकने जैसे बेसिक स्किल्स हर किसी को आने चाहिए. साथ ही, घबराहट में गलत कदम न उठाएं. फर्स्ट देने के तुरंत बाद हमेशा डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
डॉक्टर से परामर्श क्यों है जरूरी?
आपात स्थिति में फर्स्ट एड देने के बाद हमेशा विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए. कई बार फर्स्ट एड के बाद भी स्थिति गंभीर हो सकती है, इसलिए सही इलाज और परामर्श के लिए फौरन नजदीकी अस्पताल में जाएं.
सरकार के आयुष्मान योजना को विस्तार दिए जाने के बाद अब कुछ लोगों के मन में कुछ सवाल भी उठ रहे हैं. जैसे जो परिवार पहले से आयुष्मान भारत योजना के तहत आते हैं, उनके 70 साल से अधिक उम्र के सीनियर सिटिजंस का अलग से कार्ड बनेगा या नहीं, क्या बुजुर्ग के कार्ड का का इस्तेमाल घर के अन्य लोग कर पाएंगे, सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा या नहीं और पति या पत्नी का एक ही कार्ड बनेगा या अलग-अलग? आज हम इन सब सवालों का जवाब देंगे.
CGHS और ECHS वालों का क्या होगा?
70 साल या उससे ज्यादा उम्र के वो लोग, जो पहले से ही केंद्र सरकार की हेल्थ स्कीम (CGHS), पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS), और आयुष्मान भारत योजना केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) जैसी अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का लाभ ले रहे हैं,उनके पास चुनने का ऑप्शन होगा. वह या तो अपनी मौजूदा योजना को चुन सकते हैं या फिर AB PM-JAY का विकल्प ले सकते हैं. ईएसआई की सुविधा उठा रहे लोग आयुष्मान योजना का लाभ उठा सकेंगे.
निजी हेल्थ इंश्योरेंस है तो क्या होगा?
अगर किसी ने निजी हेल्थ इंश्योरेंस ले रखा है तो भी 70 से अधिक आयु वाला व्यक्ति आयुष्मान भारत योजना का लाभ ले सकते हैं.
क्या 70+ उम्र वालों का अलग से बनेगा कार्ड?
पहले से आयुष्मान भारत योजना का फायदा ले रहे परिवारों में अगर कोई भी व्यक्ति 70 साल से ज्यादा उम्र का है, तो बुजुर्ग का अलग से कार्ड बनेगा और 5 लाख रुपए सालाना का अतिरिक्त टॉप-अप दिया जाएगा. यानी वरिष्ठ नागरिकों को AB PM-JAY के तहत एक नया अलग कार्ड जारी किया जाएगा. इसी कार्ड को दिखाकर वह मुफ्त इलाज ले सकेंगे.
आयुष्मान के दायरे में न आने वाले परिवारों का क्या होगा?
जो परिवार मौजूदा समय में आयुष्मान भारत योजना के दायरे में नहीं हैं, लेकिन उनके परिवार में 70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग हैं, तो उनको इस योजना का फायदा मिलेगा. यानी अमीर हो या गरीब, 70 साल से ऊपर के हर व्यक्ति को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा.
क्या पति-पत्नी को अलग-अलग मिलेगा बीमा?
अगर पति और पत्नी दोनों ही 70 उम्र से ज्यादा हैं, तो दोनों का एक ही आयुष्मान कार्ड बनेगा, अलग-अलग नहीं.यानी अगर 70 साल से ज्यादा उम्र का कोई कपल आयुष्मान भारत योजना की इस कैटेगरी में आता है, तो 5 लाख रुपए का बीमा कवर पति-पत्नी दोनों के लिए एक ही होगा.
सरकार के आयुष्मान योजना को विस्तार दिए जाने के बाद अब कुछ लोगों के मन में कुछ सवाल भी उठ रहे हैं. जैसे जो परिवार पहले से आयुष्मान भारत योजना के तहत आते हैं, उनके 70 साल से अधिक उम्र के सीनियर सिटिजंस का अलग से कार्ड बनेगा या नहीं, क्या बुजुर्ग के कार्ड का का इस्तेमाल घर के अन्य लोग कर पाएंगे, सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा या नहीं और पति या पत्नी का एक ही कार्ड बनेगा या अलग-अलग? आज हम इन सब सवालों का जवाब देंगे.
CGHS और ECHS वालों का क्या होगा?
70 साल या उससे ज्यादा उम्र के वो लोग, जो पहले से ही केंद्र सरकार की हेल्थ स्कीम (CGHS), पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS), और आयुष्मान भारत योजना केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) जैसी अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का लाभ ले रहे हैं,उनके पास चुनने का ऑप्शन होगा. वह या तो अपनी मौजूदा योजना को चुन सकते हैं या फिर AB PM-JAY का विकल्प ले सकते हैं. ईएसआई की सुविधा उठा रहे लोग आयुष्मान योजना का लाभ उठा सकेंगे.
निजी हेल्थ इंश्योरेंस है तो क्या होगा?
अगर किसी ने निजी हेल्थ इंश्योरेंस ले रखा है तो भी 70 से अधिक आयु वाला व्यक्ति आयुष्मान भारत योजना का लाभ ले सकते हैं.
क्या 70+ उम्र वालों का अलग से बनेगा कार्ड?
पहले से आयुष्मान भारत योजना का फायदा ले रहे परिवारों में अगर कोई भी व्यक्ति 70 साल से ज्यादा उम्र का है, तो बुजुर्ग का अलग से कार्ड बनेगा और 5 लाख रुपए सालाना का अतिरिक्त टॉप-अप दिया जाएगा. यानी वरिष्ठ नागरिकों को AB PM-JAY के तहत एक नया अलग कार्ड जारी किया जाएगा. इसी कार्ड को दिखाकर वह मुफ्त इलाज ले सकेंगे.
आयुष्मान के दायरे में न आने वाले परिवारों का क्या होगा?
जो परिवार मौजूदा समय में आयुष्मान भारत योजना के दायरे में नहीं हैं, लेकिन उनके परिवार में 70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग हैं, तो उनको इस योजना का फायदा मिलेगा. यानी अमीर हो या गरीब, 70 साल से ऊपर के हर व्यक्ति को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा.
क्या पति-पत्नी को अलग-अलग मिलेगा बीमा?
अगर पति और पत्नी दोनों ही 70 उम्र से ज्यादा हैं, तो दोनों का एक ही आयुष्मान कार्ड बनेगा, अलग-अलग नहीं.यानी अगर 70 साल से ज्यादा उम्र का कोई कपल आयुष्मान भारत योजना की इस कैटेगरी में आता है, तो 5 लाख रुपए का बीमा कवर पति-पत्नी दोनों के लिए एक ही होगा.
सरकार के आयुष्मान योजना को विस्तार दिए जाने के बाद अब कुछ लोगों के मन में कुछ सवाल भी उठ रहे हैं. जैसे जो परिवार पहले से आयुष्मान भारत योजना के तहत आते हैं, उनके 70 साल से अधिक उम्र के सीनियर सिटिजंस का अलग से कार्ड बनेगा या नहीं, क्या बुजुर्ग के कार्ड का का इस्तेमाल घर के अन्य लोग कर पाएंगे, सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा या नहीं और पति या पत्नी का एक ही कार्ड बनेगा या अलग-अलग? आज हम इन सब सवालों का जवाब देंगे.
CGHS और ECHS वालों का क्या होगा?
70 साल या उससे ज्यादा उम्र के वो लोग, जो पहले से ही केंद्र सरकार की हेल्थ स्कीम (CGHS), पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS), और आयुष्मान भारत योजना केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) जैसी अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का लाभ ले रहे हैं,उनके पास चुनने का ऑप्शन होगा. वह या तो अपनी मौजूदा योजना को चुन सकते हैं या फिर AB PM-JAY का विकल्प ले सकते हैं. ईएसआई की सुविधा उठा रहे लोग आयुष्मान योजना का लाभ उठा सकेंगे.
निजी हेल्थ इंश्योरेंस है तो क्या होगा?
अगर किसी ने निजी हेल्थ इंश्योरेंस ले रखा है तो भी 70 से अधिक आयु वाला व्यक्ति आयुष्मान भारत योजना का लाभ ले सकते हैं.
क्या 70+ उम्र वालों का अलग से बनेगा कार्ड?
पहले से आयुष्मान भारत योजना का फायदा ले रहे परिवारों में अगर कोई भी व्यक्ति 70 साल से ज्यादा उम्र का है, तो बुजुर्ग का अलग से कार्ड बनेगा और 5 लाख रुपए सालाना का अतिरिक्त टॉप-अप दिया जाएगा. यानी वरिष्ठ नागरिकों को AB PM-JAY के तहत एक नया अलग कार्ड जारी किया जाएगा. इसी कार्ड को दिखाकर वह मुफ्त इलाज ले सकेंगे.
आयुष्मान के दायरे में न आने वाले परिवारों का क्या होगा?
जो परिवार मौजूदा समय में आयुष्मान भारत योजना के दायरे में नहीं हैं, लेकिन उनके परिवार में 70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग हैं, तो उनको इस योजना का फायदा मिलेगा. यानी अमीर हो या गरीब, 70 साल से ऊपर के हर व्यक्ति को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा.
क्या पति-पत्नी को अलग-अलग मिलेगा बीमा?
अगर पति और पत्नी दोनों ही 70 उम्र से ज्यादा हैं, तो दोनों का एक ही आयुष्मान कार्ड बनेगा, अलग-अलग नहीं.यानी अगर 70 साल से ज्यादा उम्र का कोई कपल आयुष्मान भारत योजना की इस कैटेगरी में आता है, तो 5 लाख रुपए का बीमा कवर पति-पत्नी दोनों के लिए एक ही होगा.
हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज बढ़ने से फायदा
जीआई काउंसिल के प्रमुख और बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ तपन सिंघल ने कहा, जैसे-जैसे हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज का विस्तार होता है, यह हेल्थ केयर सिस्टम में अधिक डिमांड और कैश फ्लो उत्पन्न करता है. यह बढ़ी हुई मांग और फंडिंग बढ़ती हेल्थ केयर आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ज्यादा अस्पताल, क्लीनिक और बेसिक मेडिकल इंफ्रा के निर्माण को प्रोत्साहित कर सकती है. उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024 में हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम में 75,000 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान से देश भर में नए अस्पतालों का निर्माण हुआ है.
काउंसिल ने सरकार से उन वाहन मालिकों को नोटिस जारी करने के लिए बीमा उद्योग डेटाबेस का इस्तेमाल करने के लिए भी कह रही है, जिन्होंने अनिवार्य इंश्योरेंस रिन्यूअल नहीं कराया है. सिंघल ने कहा, “यह डेटा राज्य स्तर पर उपलब्ध है, जिससे अधिकारियों को बिना बीमा वाले वाहनों की पहचान करने में आसानी होगी. इस बारे में वे संबंधित राज्य सचिवों से बात कर रहे हैं.”
]]>हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज बढ़ने से फायदा
जीआई काउंसिल के प्रमुख और बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ तपन सिंघल ने कहा, जैसे-जैसे हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज का विस्तार होता है, यह हेल्थ केयर सिस्टम में अधिक डिमांड और कैश फ्लो उत्पन्न करता है. यह बढ़ी हुई मांग और फंडिंग बढ़ती हेल्थ केयर आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ज्यादा अस्पताल, क्लीनिक और बेसिक मेडिकल इंफ्रा के निर्माण को प्रोत्साहित कर सकती है. उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024 में हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम में 75,000 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान से देश भर में नए अस्पतालों का निर्माण हुआ है.
काउंसिल ने सरकार से उन वाहन मालिकों को नोटिस जारी करने के लिए बीमा उद्योग डेटाबेस का इस्तेमाल करने के लिए भी कह रही है, जिन्होंने अनिवार्य इंश्योरेंस रिन्यूअल नहीं कराया है. सिंघल ने कहा, “यह डेटा राज्य स्तर पर उपलब्ध है, जिससे अधिकारियों को बिना बीमा वाले वाहनों की पहचान करने में आसानी होगी. इस बारे में वे संबंधित राज्य सचिवों से बात कर रहे हैं.”
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