जगदलपुर, 7 जुलाई। शहर में लगातार हो रही झपटमारी की घटनाओं से परेशान शहरवासियों को आखिरकार बड़ी राहत मिली है। महिलाओं और युवतियों को सुनसान एवं अंधेरे स्थानों पर निशाना बनाकर दहशत फैलाने वाले एक शातिर झपटमार को बस्तर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में 09 झपटमारी की वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 08 बैग, 03 मोबाइल फोन, सोने-चांदी के आभूषण, नकदी सहित लगभग 2.5 लाख रुपये का सामान बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में बढ़ती झपटमारी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक लीलाधर राठौर के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस और साइबर टीम ने कई दिनों तक लगातार निगरानी, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अभियान चलाया। संवेदनशील चौक-चौराहों और सुनसान इलाकों में पुलिस की रणनीतिक तैनाती का परिणाम रहा कि धरमपुरा-कालीपुर क्षेत्र में हुई अंतिम झपटमारी के तुरंत बाद आरोपी को घेराबंदी कर दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजमन यादव (19 वर्ष), निवासी ग्राम कुथर, थाना मारडूम के रूप में हुई है। उसने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि दोस्तों के साथ मौज-मस्ती और घूमने-फिरने के लिए पैसों की व्यवस्था करने की नीयत से वह झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देता था। वह तेज रफ्तार बाइक से पीछे से आकर महिलाओं के बैग छीनकर फरार हो जाता था और नकदी व आभूषण निकालने के बाद बैग व मोबाइल फेंक देता था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने झपटमारी में प्रयुक्त सामग्री और लूटे गए सामान बरामद कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
शहर में लगातार बढ़ रही झपटमारी की घटनाओं का खुलासा कर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाना कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक लीलाधर राठौर और उनकी टीम की सतर्कता, रणनीतिक योजना तथा लगातार की गई मेहनत का परिणाम माना जा रहा है। इस कार्रवाई से न केवल कई प्रकरणों का एक साथ खुलासा हुआ है, बल्कि शहरवासियों में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत हुआ है। आम नागरिकों ने बस्तर पुलिस की इस त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे अपराधियों के लिए कड़ा संदेश बताया है।
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भजनलाल सरकार ने फिर बड़ी संख्या में राजस्थान प्रशासनिक और पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. इसके तहत बीजेपी सरकार ने 83 आरएएस और 200 आरपीएस अधिकारी बदल डाले. इन 200 आरपीएस में 45 अतिरिक्ति पुलिस अधीक्षक और 155 पुलिस उपाधीक्षकों के तबादले कर दिए गए हैं. वहीं 83 आरएएस अधिकारियों की तबादला सूची में दर्जनों एसडीएम को इधर-उधर कर दिया गया है.
कई जिलों के अतिरिक्त जिला कलेक्टर्स बदले
इनमें सबसे पहले कार्मिक विभाग की ओर से 83 आरएएस अधिकारियों की सूची जारी की गई. इस सूची में कई उपखंडों के एसडीएम बदल दिए गए. वहीं कई जिलों के अतिरिक्त जिला कलेक्टर्स के तबादले किए गए हैं. कई अधिकारियों को रिक्त पदों पर तैनाती दी गई है. उसके बाद गृह विभाग की ओर से 45 वरिष्ठ आरपीएस अधिकारियों की सूची जारी की गई. इस सूची में 45 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों के तबादले कर दिए गए.
10 एडिशनल एसपी के तबादले निरस्त किए
इस सूची में पूर्व में किए गए 10 एडिशनल एसपी के तबादले निरस्त किए गए हैं. तबादले निरस्त होने वाले अधिकारियों में एडिशनल एसपी राजेश मील, डॉक्टर तेजपाल सिंह, शालिनी राज, प्रियंका रघुवंशी और श्री मनलाल मीणा समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं. अधिकारी इन सूचियों को देख ही रहे थे कि फिर देर रात पुलिस महानिदेशक उत्कल रंजन साहू ने 155 आरपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी कर दी. इनमें कई सर्किल के डीएसपी बदल दिए गए हैं.
दोआबा किसान वेलफेयर कमेटी प्रधान के प्रमुख हरसुरिंद्र सिंह ने कंगना के बयान पर ऐतराज जताया. उन्होंने आईएएनएस से कहा, “गौर करने वाली बात है कि कंगना कोई भी बयान पार्टी की नुमाइंदगी करते हुए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर दे रही हैं. मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि कंगना महज सुर्खियों में रहने के लिए इस तरह के बेबुनियाद बयान दे रही हैं, जिनका अब कोई तुक नहीं बनता है. इतना ही नहीं, अब तो बीजेपी के नेता भी सामने आकर अभिनेत्री के इन बयानों की मुखालफत कर रहे हैं. भाजपा ने अपने बयान में स्पष्ट कर दिया है कि अभिनेत्री का यह निजी बयान है, जिसका पार्टी से कोई लेना देना नहीं है. कंगना अभिनेत्री हैं, लेकिन राजनीति में पदार्पण करने के बाद अब वो सांसद बन चुकी हैं. ऐसे में उन्हें अब कोई भी बयान पूरी जिम्मेदारी के साथ देना चाहिए.”
किसान नेता गुर प्यार सिंह ने भी कंगना के बयान पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, “कंगना ने अपने बयान से यह जाहिर कर दिया है कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं है. किसानों के साथ कई बार वार्ता करने के बाद कृषि कानूनों को वापस लिया गया था. माफी के साथ बाकायदा इस कानून को वापस लिया गया था, लेकिन अब जिस तरह से इस मुद्दे को उठाया जा रहा है, उससे स्पष्ट है कि कंगना महज सुर्खियों में रहने के लिए ऐसा कर रही हैं. अभिनेत्री को एक बात समझनी होगी कि वह किसानों के बारे में कुछ भी ना बोल दें, मुझे लगता है कि उन्हें पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। पार्टी को उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.”
किसान मनप्रीत सिंह बाठ ने भी कंगना के बयान पर ऐतराज जताते हुए कहा, “उनके राजनीति में रहने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि वो जिस तरह के बयान दे रही हैं, उससे उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता जाहिर हो रही है. एक जनप्रतिनिधि समाज के सभी वर्गों के हितों के बारे में सोचते हुए कोई भी बयान देता है या फैसला लेता है, लेकिन जिस तरह के बयान कंगना दे रही हैं, उससे यही जाहिर हो रहा है कि उनका मुख्य मकसद सिर्फ सुर्खियों में रहना है.” किसान नेता दिलबाग सिंह ने कहा, “कंगना रनौत फिल्म की दुनिया से आई हैं. उन्हें किसानों के बारे में क्या पता. उन्हें खेती बाड़ी के बारे में क्या पता है. उनके बयान से तो यह साफ जाहिर हो चुका है कि उन्हें सच में कुछ नहीं पता है. कंगना को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए.”
अपने बयान पर विवाद बढ़ने और पार्टी की ओर से पल्ला झाड़ने के बाद कंगना रनौत ने कहा, “मैं अपने कहे शब्दों को वापस लेती हूं. मैं कलाकार के साथ पार्टी की कार्यकर्ता हूं. ऐसे में एक कार्यकर्ता होने के नाते मेरा यह कर्तव्य बनता है कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहे शब्दों का सम्मान रखूं. अगर मैंने अपने शब्दों से किसी को ठेस पहुंचाई है, तो मुझे इसका खेद रहेगा, लिहाजा मैं अपने शब्दों को वापस लेती हूं.”
]]>दोआबा किसान वेलफेयर कमेटी प्रधान के प्रमुख हरसुरिंद्र सिंह ने कंगना के बयान पर ऐतराज जताया. उन्होंने आईएएनएस से कहा, “गौर करने वाली बात है कि कंगना कोई भी बयान पार्टी की नुमाइंदगी करते हुए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर दे रही हैं. मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि कंगना महज सुर्खियों में रहने के लिए इस तरह के बेबुनियाद बयान दे रही हैं, जिनका अब कोई तुक नहीं बनता है. इतना ही नहीं, अब तो बीजेपी के नेता भी सामने आकर अभिनेत्री के इन बयानों की मुखालफत कर रहे हैं. भाजपा ने अपने बयान में स्पष्ट कर दिया है कि अभिनेत्री का यह निजी बयान है, जिसका पार्टी से कोई लेना देना नहीं है. कंगना अभिनेत्री हैं, लेकिन राजनीति में पदार्पण करने के बाद अब वो सांसद बन चुकी हैं. ऐसे में उन्हें अब कोई भी बयान पूरी जिम्मेदारी के साथ देना चाहिए.”
किसान नेता गुर प्यार सिंह ने भी कंगना के बयान पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, “कंगना ने अपने बयान से यह जाहिर कर दिया है कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं है. किसानों के साथ कई बार वार्ता करने के बाद कृषि कानूनों को वापस लिया गया था. माफी के साथ बाकायदा इस कानून को वापस लिया गया था, लेकिन अब जिस तरह से इस मुद्दे को उठाया जा रहा है, उससे स्पष्ट है कि कंगना महज सुर्खियों में रहने के लिए ऐसा कर रही हैं. अभिनेत्री को एक बात समझनी होगी कि वह किसानों के बारे में कुछ भी ना बोल दें, मुझे लगता है कि उन्हें पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। पार्टी को उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.”
किसान मनप्रीत सिंह बाठ ने भी कंगना के बयान पर ऐतराज जताते हुए कहा, “उनके राजनीति में रहने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि वो जिस तरह के बयान दे रही हैं, उससे उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता जाहिर हो रही है. एक जनप्रतिनिधि समाज के सभी वर्गों के हितों के बारे में सोचते हुए कोई भी बयान देता है या फैसला लेता है, लेकिन जिस तरह के बयान कंगना दे रही हैं, उससे यही जाहिर हो रहा है कि उनका मुख्य मकसद सिर्फ सुर्खियों में रहना है.” किसान नेता दिलबाग सिंह ने कहा, “कंगना रनौत फिल्म की दुनिया से आई हैं. उन्हें किसानों के बारे में क्या पता. उन्हें खेती बाड़ी के बारे में क्या पता है. उनके बयान से तो यह साफ जाहिर हो चुका है कि उन्हें सच में कुछ नहीं पता है. कंगना को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए.”
अपने बयान पर विवाद बढ़ने और पार्टी की ओर से पल्ला झाड़ने के बाद कंगना रनौत ने कहा, “मैं अपने कहे शब्दों को वापस लेती हूं. मैं कलाकार के साथ पार्टी की कार्यकर्ता हूं. ऐसे में एक कार्यकर्ता होने के नाते मेरा यह कर्तव्य बनता है कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहे शब्दों का सम्मान रखूं. अगर मैंने अपने शब्दों से किसी को ठेस पहुंचाई है, तो मुझे इसका खेद रहेगा, लिहाजा मैं अपने शब्दों को वापस लेती हूं.”
]]>गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ऑनलाइन फ्रॉड के चक्कर में आकर अपना 4.22 लाख रुपये गवां दिया. जालसाजों ने रेलवे टिकट कैंसिल के एवज में महिला से लाखों रुपये ठग लिए. महिला ट्रेन रद्द होने पर टिकट का पूरा रिफंड पाने का तरीका इंटरनेट पर सर्च कर रही थीं. गुगल पर सर्च से मिले नंबर पर कॉल की जालसाजों ने फोन हैक कर महिला के बैंक खातों से 4.22 लाख रुपये निकाल लिए. ये रकम महिला के दो बैंक खाते से निकाले गए.
जालसाजों के चक्कर में महिला ने गवां दी लाखों रुपये
महिला की शिकायत पर गाजियाबाद की कौशांबी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है. वैशाली की रहने वाली यगह महिला एक ट्रेन में टिकट बुक की थी. कन्फर्म टिकट था, लेकिन किसी कारण ट्रेन रद्द हो गई. वह इंटरनेट व पर पूरा रिफंड पाने का तरीका खोज रही थी। इसमें एक मोबाइल नंबर कस्टमर केयर के नाम पर लिखा था.
महिला ने शिकायत में कहा है कि नंबर मिलाने पर कॉल उठाने वाले ने एक लिंक भेजा और इस पर क्लिक करने के बाद उनसे खाते की जानकारी पूछ ली. वह कुछ समझ पातीं, इससे पहले ही दोनों खातों से 4.22 लाख रुपये निकल गए. पीड़िता के मुताबिक तुरंत शिकायत करने पर करीब डेढ़ लाख रुपये होल्ड हो गए, लेकिन रिपोर्ट दर्ज होने में देरी से अब तक उन्हें यह रकम नहीं मिली है. गाजियाबाद साइबर सेल इस मामले की जांच शुरू कर दी है.
तुरंत यहां करें शिकायत
आपको बता दें कि ऑनलाइन फ़्रॉड होने पर शिकायत दर्ज कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें. इसके आलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं. अगर आपके साथ साइबर फॉड होता है तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें. अगर आप उत्तर प्रदेश में हैं तो साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराएं.
वहीं टाटानगर रेलवे स्टेशन पर पीएम नरेंद्र मोदी की अनुपस्थिति में टाटा-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान हरी झंडी दिखाई। जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो भी मौजूद रहे. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रांची से ऑनलाइन 6 वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात दी. बारिश के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का टाटानगर रेलवे स्टेशन कार्यक्रम स्थगित हुआ है. वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबू लाल मरांडी ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट शेयर कर बिष्टुपुर मेन रोड से गोपाल मैदान तक होने वाले रोड शो के भी स्थगित होने की जानकारी दी है.
हालांकि भाजपा ने सूचना जारी कर जानकारी दी है कि माननीय प्रधानमंत्री जी की आज जमशेदपुर की निर्धारित सभा निश्चित होगी. सभी से अनुरोध है कि जमशेदपुर गोपाल मैदान पहुंचे. बता दें, फिलहाल पीएम नरेंद्र मोदी रांची पहुंच गए हैं. पीएम नरेंद्र मोदी आवास योजना के 20 हजार लाभुकों का गृह प्रवेश भी कराएंगे. बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 नई वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी है. इससे पहले उनका दौरा जमशेदपुर का था जो रद्द हो गया है. अब उन्होंने रांची एयरपोर्ट से ही विभिन्न योजनाओं का ऑनलाइन उद्घाटन किया. भारी बारिश के कारण ये फैसला लिया गया है. इससे पहले रोड शो को भी रद्द कर दिया गया था.
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