घटना बहराइच जिले की महसी तहसील के थाना राम गांव इलाके की है. यहां के तमाचपुर गांव के इमाम खां पुरवा में बच्चे पर भेड़िए ने हमला किया. बच्चे की मां ने बताया कि पहले बच्चे पर हमला किया, लेकिन मच्छर दानी लगी थी तो बच्चा बच गया. मैं जाग गई और शोर मचाना शुरू किया तो भेड़िया भागा. पास में बंधी हमारी बकरी उठा ले गया. हम शोर मचाते हुए भेड़िए के पीछे दौड़े तब तक बहुत से लोग आ गए और उस खेत को घेर लिया, जिसमें भेड़िया बैठा था. फिर भीड़ ने उसे मार दिया.
जैसे ही गांव में हल्ला हुआ कि भेड़िया आया, तो पास पड़ोस के गांव के सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हो गये. उस खेत को घेर लिया जहां भेड़िया बैठा अपना शिकार खा रहा था. उसके बाद ग्रामीणों की इकट्ठा भीड़ ने भेड़िया को घेरकर मौत के घाट उतार दिया. इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी गई, तो वो मौके पर पहुंच गए. भेड़िए और बकरी को अपने साथ जांच के लिए ले गए. गांव वाले जानवर को भेड़िया कह रहे हैं.
महसी में 20 दिनों बाद किसी भेड़िए ने हमला किया है. आदमखोर ने एक मासूम का शिकार करने की कोशिश की. इससे गांव के लोगों में भेड़िए का खौफ है. अब फिर से लोग हाथों में लाठी डंडे लेकर रात भर जाग रहे हैं. डर है कि कहीं इस भेड़िया का कोई दूसरा साथी न हो और फिर किसी घर में आकर किसी इंसान पर हमला न कर दे. हालांकि मामले में वन विभाग ने अब तक कोई बयान जारी नहीं किया. जिससे पुष्टि हो सके कि वह कौन सा जानवर है.
नरभक्षी हुए इस पैंथर की तलाश के लिए पहले वन विभाग ने स्थानीय लोगों की सहायता से अपने स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया था. लेकिन जब पार नहीं पड़ी तो शनिवार को सेना को बुलाया गया. उसके बाद सेना के 80 से अधिक जवान उदयपुर पहुंचे. आर्मी के जवान दो ड्रोन कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी रहे हैं. वहीं वन विभाग की 8 टीमें गोगुंदा के जंगल के चप्पे चप्पे को खंगालने में जुटी है. शनिवार को डीएफओ, एसडीएम, थानाधिकारी और बीडीओ भी मौके पर मौजूद रहे.
पहली बार आर्मी की तरफ से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है
पैंथर को पकड़ने के लिए इलाके में पहली बार आर्मी की तरफ से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. आदमखोर पैंथर की वजह इस पूरे इलाके में ग्रामीण खौफजदा हैं. इंसानों पर अटैक करने वाला यह पैंथर एक ही या फिर ज्यादा इसका भी अभी तक पता नहीं चल पाया है. लेकिन पैंथर के खौफ के कारण लोग अब रात में ही नहीं बल्कि दिन में भी जंगल से गुजरने में डरने लगे हैं.
पैंथर ने एक महिला का सिर धड़ से अलग कर दिया था
गोगुंदा इलाके में बीते बुधवार और गुरुवार को पैंथर ने दो लोगों को अपना शिकार बना लिया था. इससे पहले बीते आठ सितंबर को झाड़ोल इलाके में एक पैंथर ने महिला को अपना शिकार बनाया था. इस पैंथर ने महिला का सिर और धड़ तक अलग कर दिया था. इन इलाकों में पहले भी ग्रामीण पैंथर के शिकार होते रहे हैं. लेकिन वे घटनाएं लंबे-लंबे अंतराल के बाद हुई थी. इस बार लगातार घटनाएं होने से पूरे इलाके में पैंथर की दशहत फैली हुई है.
जानकारी के अनुसार पैंथर ने पहला शिकार बुधवार शाम को गोगुंदा इलाके में नाबालिग लड़की को बनाया. पैंथर ने कक्षा 9 में पढ़ने वाली कमला गमेती को अपना निवाला बना लिया. कमला बकरियां चराने जंगल में गई थी. लेकिन वह शाम तक घर नहीं पहुंची. गुरुवार को सुबह जंगल में कमला का खून से लथपथ शव मिला. पैंथर ने कमला के दोनों हाथ खा लिए थे. उसके बाद पूरे इलाके में भय का माहौल हो गया. ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को इसकी सूचना दी तो वे मौके पर पहुंचे.
पैंथर ने शाम को फिर से एक युवक को मार डाला
इलाके के लोग इस घटना से उबर ही नहीं पाए थे उससे पहले ही फिर से गोगुंदा इलाके में पैंथर ने शाम को एक युवक पर हमला कर उसे मार डाला. यह युवक गोगुंदा के भेवड़िया गांव का रहने वाला था. पैंथर ने उस पर जंगल से घर आते समय हमला किया. पैंथर के हमले में मारे गए युवक की पहचान खुमाराम के रूप में हुई है. पैंथर के हमले में खुमाराम की मौके पर हुई दर्दनाक मौत हो गई. इससे इलाके के लोग और खौफ में आ गए. वन विभाग की टीम ने आदमखोर पैंथर को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए हैं.
आठ सितंबर को पैंथर ने झाड़ोल इलाके में महिला का शिकार किया था
उल्लेखनीय है इससे पहले बीते आठ सितंबर को झाड़ोल इलाके में पैंथर ने एक महिला का शिकार कर लिया था. यह महिला अपने पति के साथ जंगल में लकड़ियां लेने के लिए गई थी. वहां पैंथर उस पर हमला कर पहाड़ी पर खींच कर लिया गया था. बाद में उसने महिला को मार डाला. पैंथर ने इस महिला का सिर धड़ से अलग कर दिया था. उसके बाद से पैंथर को पकड़ने के प्रयास चल रहे हैं लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा है.