उधर राज ठाकरे की चुप्पी ने बढ़ाई हलचल
उसी दिन महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे के साथ संभावित गठबंधन पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि मीडिया ने उनके नाम से बयान चलाए जो उन्होंने दिए ही नहीं.
राज ठाकरे ने साफ किया कि इगतपुरी में आयोजित मनसे पदाधिकारियों के सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत हुई थी. ‘मुझसे शिवसेना (उबाठा) से गठबंधन को लेकर सवाल पूछा गया, तो मैंने हल्के अंदाज़ में कहा कि क्या मुझे अब आपके साथ गठबंधन की रणनीति पर चर्चा करनी चाहिए?’ उन्होंने यह भी कहा कि कुछ पत्रकारों ने इस बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया और यह दिखाया कि नगर निगम चुनाव से पहले गठबंधन की संभावना पर विचार होगा.
राज ठाकरे ने कहा कि अनौपचारिक बातचीत को ‘बयान’ की तरह पेश करना पत्रकारिता की गरिमा के खिलाफ है. उन्होंने पत्रकारों को भी नसीहत देते हुए कहा कि वह भी 1984 से पत्रकारिता से जुड़े हैं और कुछ का बर्ताव शोभनीय नहीं रहा.
ठाकरे भाइयों की दुर्लभ जुगलबंदी
5 जुलाई को हुए ‘विजय उत्सव’ के मंच पर उद्धव और राज ठाकरे दो दशक बाद साथ दिखे थे. मंच का उद्देश्य महाराष्ट्र सरकार के उस आदेश को रद्द कराने का जश्न मनाना था, जिसमें राज्य के स्कूलों में पहली कक्षा से हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने की बात थी. यह मंच मराठी अस्मिता की जीत के रूप में देखा गया.
इस मंच ने राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज कर दी थीं कि ठाकरे परिवार के दोनों धड़े एक बार फिर साथ आ सकते हैं, खासकर मुंबई और अन्य नगर निगम चुनावों से पहले. लेकिन जहां उद्धव इस गठबंधन के प्रति उत्साहित दिख रहे हैं, वहीं राज ठाकरे ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है.
सदन में भूपेश बघेल-डिप्टी सीएम के बीच जोरदार बहस
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘हमारी कांग्रेस सरकार ने जल जीवन मिशन में 5 हजार करोड़ रुपए खर्च किए थे, लेकिन बीजेपी की ट्रिपल इंजन सरकार सिर्फ 3 हजार करोड़ ही खर्च कर पाई है.
बघेल ने सदन में उठाया जल जीवन मिशन का मुद्दा
भूपेश बघेल ने कहा, ’21 लाख कनेक्शन देने की बात कही गई, जबकि 20 महीने में सिर्फ 10 लाख कनेक्शन ही दिए गए. उन्होंने सदन में पूछा कि जिन जगहों पर कनेक्शन दिए गए, क्या वहां सच में पानी पहुंच रहा है.’
अरुण साव ने दिया ये जवाब
राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भूपेश बघेल को जवाब देते हुए कहा, ‘कांग्रेस सरकार की अव्यवस्थाओं के कारण जल जीवन मिशन दो साल विलंब से शुरू हुआ. कांग्रेस काल में 36 लाख नल कनेक्शन की बात कही गई, लेकिन जांच में सामने आया कि केवल 21 लाख कनेक्शनों में ही पानी आया. 15 लाख फॉल्स एंट्री के मामले में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर पर कार्रवाई की गई है और दो ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज की गई है. राज्य सरकार तेज गति से काम कर रही है, लेकिन कांग्रेस सदन में अनावश्यक प्रश्न उठाकर जनता को गुमराह कर रही है.’
इमरजेंसी में क्या होगा
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी सांसदों ने यह सवाल उठाया कि क्या विधानसभाओं को बीच में भंग कर लोकसभा के साथ चुनाव कराना संविधान सम्मत होगा. इसके अलावा यह भी सवाल उठा कि अगर किसी विधानसभा का कार्यकाल कुछ ही महीने शेष हो, तो क्या इतने कम समय के लिए भी चुनाव कराना व्यावहारिक और लोकतांत्रिक रूप से सही होगा? साथ ही, आपातकाल जैसी असाधारण परिस्थितियों में चुनाव प्रक्रिया कैसे संचालित होगी, इस पर भी विधेयक में स्पष्टता नहीं है.
सरकार बोली-सुधार करेंगे
संसदीय समिति के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद पी. पी. चौधरी ने कहा कि समिति सभी पक्षों के विचारों का स्वागत करती है और विधेयक में सुधार के लिए हर सुझाव पर विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा, यह राष्ट्र निर्माण का एक ऐतिहासिक अवसर है और हमें इसे पूरी गंभीरता से लेना चाहिए. अब तक चार पूर्व प्रधान न्यायाधीश इस समिति के सामने अपनी राय रख चुके हैं. वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सांसद ई. एम. सुधर्शन नचियप्पन ने भी अपने सुझाव समिति को सौंपे हैं. समिति की यह आठवीं बैठक थी.
राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 में हुए थे, उस समय सांसद रहते हुए राठौड़ ने विधानसभा चुनाव लड़ा. विधानसभा की शपथ के साथ ही वे लोकसभा से इस्तीफा देकर पूरी तरह राज्य राजनीति में आ गए. भजनलाल शर्मा कैबिनेट में 30 दिसंबर 2023 को शपथ लेने के बाद राठौड़ को एक साथ पांच प्रमुख मंत्रालय सौंपे गए हैं. इसमें उद्योग मंत्रालय, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार, युवा एवं खेल, कौशल योजना और उद्यमिता और सैनिक कल्याण विभाग का मंत्री बनाया गया है.
]]>ये हैं आरोप
बीआर पाटिल ने आरोप लगाया कि उनके अलंद निर्वाचन क्षेत्र और आसपास के इलाकों में लगभग 950 मकान रिश्वत लेकर गलत तरीके से आवंटित किए गए और विधायकों की सिफारिशी चिट्ठियों को भी तब तक तवज्जो नहीं दी गई जब तक पैसे नहीं दिए गए.
कांग्रेस विधायक बेलूर गोपालकृष्ण का समर्थन
इस मुद्दे पर बेलूर से कांग्रेस विधायक गोपालकृष्ण ने पाटिल का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि मैंने आवास बोर्ड मंत्रालय के खिलाफ लगे आरोपों के बारे में सुना है. जब एक वरिष्ठ विधायक ऐसा कह रहे हैं तो संबंधित मंत्री को तुरंत इस्तीफा देकर जांच का सामना करना चाहिए. अगर वे निर्दोष हैं तो बाद में उन्हें फिर से मंत्री बनाया जा सकता है. सच्चाई सामने आनी ही चाहिए.
कांग्रेस विधायक राजू कागे ने भी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
एक और कांग्रेस विधायक राजू कागे ने भी अपनी ही पार्टी की सरकार पर नाराज़गी जाहिर की. उन्होंने कहा कि मेरी स्थिति भी बीआर पाटिल जैसी है. मुख्यमंत्री ने दो साल पहले मेरे क्षेत्र के लिए ₹12 करोड़ सड़क और ₹13 करोड़ सामुदायिक भवनों के लिए मंजूर किए थे, लेकिन आज तक एक भी कार्यादेश जारी नहीं हुआ. यह कैसा प्रशासन है? मैं इतना निराश हूं कि इस्तीफे पर विचार कर रहा हूं.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस पर जवाब दिया है कि मैं उनसे बात करूंगा. कौन से विशेष फंड की बात हो रही है. बजट में ऐसा कोई ‘सीएम फंड’ नहीं होता. लोग इसे विशेष फंड कह देते हैं, लेकिन हम जरूरत के अनुसार ही अनुदान देते हैं. कांग्रेस विधायकों के अपनी ही सरकार के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाने के बाद BJP को बैठे बिठाए एक मुद्दा मिल गया. BJP के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजएन्द्र के कहा कि कर्नाटका में स्टेट स्पॉन्सर्ड करप्शन हो रहा है, इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचार और सिर्फ भ्रष्टाचार… ऐसा लगता है कि इसके अलावा राज्य में कुछ और नहीं हो रहा है. स्टेट स्पॉन्सर्ड करप्शन चल रहा है. सरकार ही करप्शन को बढ़ावा दे रही है. ये बात बीआर पाटिल के बयान से पता चलती है, हम इस मुद्दे को पूरे राज्य में उठाएंगे और सड़क पर आंदोलन करेंगे. वहीं BJP के वरिष्ठ नेता और पूर्व CM बीएस येदियुरप्पा ने कहा बीआर पाटिल और राजू कागे के आरोप बहुत ही गंभीर हैं, वे जल्द ही पूरे राज्य का दौरा करेंगे और सिद्धारमैया सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोलेंगे. कुल मिलाकर कांग्रेस सरकार अब अपने ही विधायकों के आरोपों से घिरी हुई है. विपक्ष से पहले तो घर के अंदर से उठी आवाज़ें सिद्धारमैया सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं.
]]>भाजपा-कांग्रेस पार्षदों के बीच हंगामा
इस बीच कांग्रेस के पार्षद भी नारेबाजी करते नजर आए. मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया. नारेबाजी और हंगामे के बीच आप और बीजेपी के पार्षदों के बीच धक्कामुक्की भी हुई. बीजेपी के कुछ पार्षद मेयर की सीट पर चढ़कर प्रदर्शन करते भी नजर आए.
मेयर ने पास किया बजट, कार्यवाही स्थगित
दूसरी ओर MCD की कार्यवाही शुरू होते ही मेयर महेश कुमार ने बजट को पास कर दिया. साथ ही सदन की कार्यवाही को अगली तारीख तक के लिए स्थगित कर दिया गया. सदन में बीजेपी के पार्षद नारेबाजी करते नजर आए. बताया गया कि दिल्ली एमसीडी का सदन 17 हजार करोड़ रुपए का है.
अरविंद केजरीवाल पिछले 10 सालों में नेशनल पॉलिटिक्स में तेजी से अपना वर्चस्व बढ़ाते नजर आ रहे हैं. चाहे पंजाब हो या फिर गोवा, गुजरात हो या जम्मू-कश्मीर हर राज्य में आम आदमी पार्टी की मौजूदगी है. इंडिया गठबंधन में भी तमाम रीजनल पार्टियां केजरीवाल को काफी तवज्जो देते हैं. दो राज्यों में आप की सरकार थी जो अब केवल पंजाब में रह गई है. आने वाले वक्त में केजरीवाल का कद घटने से राहुल गांधी को फायदा होगा.
पिछले साल के अंत में हुए हरियाणा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी को जीत का मजबूत दावेदार माना जा रहा था लेकिन इसके बावजूद बीजेपी ने यहां बाजी मारी तो इसकी मुख्य वजह अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी बनी. ऐसा इसलिए क्योंकि आप और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर गठबंधन नहीं हो पाया. केजरीवाल की पार्टी को करीब पौने 2 परसेंट वोट मिले. वोट बंटने के कारण राहुल गांधी के हरियाणा में सरकार बनाने के मनसूबों का बट्टा लग गया. कुछ ऐसा ही हाल गुजरात में भी कांग्रेस का हुआ था.
दिल्ली हारने के बाद अब अरविंद केजरीवाल के सामने अगली सबसे बड़ी चुनौती पंजाब में अपनी सरकार बचाने की है. दिल्ली की तर्ज पर पंजाब में भी कांग्रेस पार्टी के वोट काटकर आम आदमी पार्टी सत्ता में आई थी. केजरीवाल को यह डर सता रहा है कि अगर इसी तर्ज पर पंजाब में भी वोट बंटे तो वहां बीजेपी-अकाली सरकार फिर बाजी मार जाएगी. दूसरी और लोकसभा चुनाव में आप ने पंजाब की 13 सीटों में से महज 3 पर जीत दर्ज की थी. कांग्रेस को यहां 7 सीट पर जीत मिली थी. कांग्रेस का पंजाब में अच्छा खासा जनाधार है.
दिल्ली में अब साल 2030 में विधानसभा चुनाव हैं. मौजूदा दिल्ली चुनाव से पहले केजरीवाल ने राजधानी में कांग्रेस के साथ गठबंधन करने से यह कहते हुए मना कर दिया था कि उनके पास शहर में जनाधार नहीं है. अब जब बारी 2030 के दिल्ली चुनाव की आएगी तो उन्हें बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए कांग्रेस को बराबरी का दर्जा देना होगा.
कांग्रेस पार्टी के पास मौजूदा वक्त में ले-देकर केवल दो राज्यों में सरकार है. राहुल गांधी की पार्टी के सीएम हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में हैं. संगठन चलाने के लिए हर पार्टी को धन की जरूरत होती है. पार्टी को चंदा भी केवल तभी मिलता है जब उनकी ज्यादा से ज्यादा राज्यों में सरकार हो. यही वजह है कि पिछले 10 सालों से कांग्रेस पार्टी हर राज्य में गठबंधन के साथी तलाश रही है. आप की दिल्ली में करारी शिकस्त के बाद अब अरविंद केजरीवाल को दिल्ली से लेकर हरियाणा, गुजरात, पंजाब और गोवा में कांग्रेस के साथ गठबंधन करने का मजबूर होना पड़ सकता है. ऐसा करने से कांग्रेस और आप दोनों को ही फायदा मिलेगा. वहीं, अबतक आप और कांग्रेस के बीच वोट बंटने का फायदा उठाकर आसानी से सरकार बनान लेने वाली बीजेपी को दोनों का गठबंधन होने से ‘करंट’ लग सकता है. दिल्ली चुनाव पर ही नजर डाले तो बीजेपी को यहां करीब 45 प्रतिशत और आम आदमी पार्टी को करीब 43 प्रतिशत वोट मिले हैं, लेकिन कांग्रेस के करीब 6 प्रतिशत वोट बटने के कारण अधिकांश फंसी हुई सीट पर मामूली अंतर से बीजेपी ने बाजी मार ली. दोनों में गठबंधन हुआ तो कई राज्यों से बीजेपी का आने वाले वक्त में सूपड़ा साफ भी हो सकता है.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आम आदमी पार्टी ने झुग्गी में रहने वाली महिलाओं की लिए एक अलग प्लान तैयार किया है. हर झुग्गी में 8 से 10 लोगों का एक ग्रुप तैयार किया गया है. ये ग्रुप सिर्फ महिला वोटर्स को टार्गेट करेगा. जो डेटा के साथ महिलाओं को ये बता रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल सरकार से उनको क्या फ़ायदा मिलेगा. AAP द्वारा तैयार किये गये ये ग्रुप महिलाओं को ये भी बताने की कोशिश कर रहे हैं कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने अब तक उनके लिये क्या-क्या काम किए हैं. साथ ही ये भी बताया जा रहा है कि अब तक DDA ने कितनी झुग्गियां दिल्ली में तोड़ी है और अगर BJP सत्ता में आती है तो उनकी झुग्गी भी तोड़ दी जाएगी. जबकि AAP झुग्गी बचाने का काम करेगी.
दिल्ली चुनाव के लिए गृह मंत्री अमित शाह आज रोड शो करेंगे. वहीं, सीएम योगी की आज रैली है. इसके अलावा, दिल्ली चुनाव में राहुल गांधी भी पहली रैली करेंगे.
• दिल्ली में अमित शाह दोपहर 03:30 बजे कस्तूरबा नगर विधानसभा 4.30 बजे कालकाजी और शाम 6 बजे में बदरपुर विधानसभा के मीठापुर चौक से जैतपुर गाँव तक रोड शो.
• सीएम योगी आदित्यनाथ दोपहर 1 बजे मंगोलपुरी,3 बजे विकासपुरी और और शाम 6 राजेन्द्र नगर में में करेंगे जनसभा.
दिल्ली विधानसभा चुनाव के एलान के बाद राहुल गांधी की पहली रैली आज
दिल्ली में राहुल गांधी की दो रैली – पटपड़गंज और ओखला
]]>हिंदूवादी नेता सिमरन गुप्ता ने याचिका दायर की
हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हिंदूवादी नेता सिमरन गुप्ता के अधिवक्ता सचिन गोयल की ओर से चंदौसी की जिला अदालत की एमपी/एमएलए अदालत में राहुल गांधी के एक विवादित बयान को लेकर याचिका दायर की गई है. इस याचिका में कहा गया है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 15 जनवरी को एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी लड़ाई सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से नहीं बल्कि ‘इंडियन स्टेट’ से है. इससे भावनाएं आहत हुई हैं.
संविधान की मूल भावना को किया आहत
सिमरन गुप्ता के अधिवक्ता सचिन गोयल ने बताया कि राहुल गांधी ने 15 जनवरी दिए बयान में उन्होंने संविधान की मूल भावना को आहत किया है. उनके बयान से देश में असंतोष है. उन्होंने कहा कि सिमरन गुप्ता की ओर से एसीजेएम की एमपी/एमएलए अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ वाद दायर किया है. जिसमें उन्होंने मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है.
राहुल गांधी ने नए कांग्रेस मुख्यालय के उद्घाटन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए BJP और RSS पर जमकर हमला बोला था. उन पर देश के सभी संस्थानों पर कब्जा करने का आरोप लगाया था. कांग्रेस नेता ने कहा था, ‘यह मत सोचो कि हम निष्पक्ष लड़ाई लड़ रहे हैं. इसमें कोई निष्पक्षता नहीं है. यदि आप मानते हैं कि हम भाजपा या आरएसएस नामक राजनीतिक संगठन से लड़ रहे हैं तो आप समझ नहीं पाएंगे कि क्या हो रहा है. भाजपा और आरएसएस ने हमारे देश की हर एक संस्था पर कब्जा कर लिया है. अब हम भाजपा, आरएसएस और इंडियन स्टेट से ही लड़ रहे हैं.’
]]>अब, संसद में हुई धक्का-मुक्की की जांच के लिए क्राइम ब्रांच ने 7 अधिकारियों की एक एसआईटी का गठन किया है. क्राइम ब्रांच की चाणक्यपुरी स्थित ISC यूनिट ने जांच शुरू कर दी है. इसमें 2 एसीपी, 2 इंस्पेक्टर और 3 सब इंस्पेक्टर होंगे शामिल हैं, जो सीधे डीसीपी सजंय सैन को रिपोर्ट करेंगे. इस मामले की जांच में 2 एसीपी को एसआईटी में इसलिए शामिल किया गया है कि क्यूंकि मामला पॉलिटिकली हाई प्रोफाइल है.
पुलिस के हवाले से खबर है कि नई दिल्ली पार्लियामेंट थाने में राहुल गांधी के खिलाफ लिखए गए शिकायत की कॉपी आज क्राइम ब्रांच को सौंप दी. सूत्रों की माने तो पार्लियामेंट एडमिस्ट्रेशन को सीसीटीवी फुटेज के लिए लेटर लिखा जाएगा. इस घटना से जुड़ी जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज काफ़ी मायने रखती है.
बीजेपी ने किया शिकायत
बीजेपी ने अपनी शिकायत में सीधे राहुल गांधी पर धक्कामुक्की का आरोप लगाया है. पुलिस ने कहा कि प्रोटोकॉल को देखते हुए, सीसीटीवी फुटेज, मौके पर मौजूद मोबाइल फुटेज , MLC रिपोर्ट काफी मायने रखती है. क्राइम ब्रांच की माने तो इन सबके अलावा पहले मौके पर मौजूद चश्मदीदो और घायल सांसदो के बयान भी दर्ज किए जाएंगे. इन सबके बाद क्राइम ब्रांच की SIT राहुल गांधी को जांच के लिए नोटिस भी भेज सकती है.