कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्री अजय चंद्राकर ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य उपहार है, जिसने पूरे विश्व को स्वास्थ्य एवं संतुलित जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज करोड़ों लोग इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग करने तथा इसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
महापौर श्री रामू रोहरा ने कहा कि योग स्वस्थ, सक्रिय और सकारात्मक जीवन का आधार है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ तनावमुक्त जीवन जीने में भी सहायक है। पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू ने कहा कि योग भारतीय सनातन संस्कृति की अनुपम देन है, जो मानव जीवन में संतुलन, अनुशासन और आत्मिक शांति स्थापित करती है।
योग प्रशिक्षक सुश्री रेवती नेताम के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन, पवनमुक्तासन, अर्धचक्रासन एवं शवासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। साथ ही अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी एवं ध्यान की क्रियाओं के माध्यम से मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व को समझा। योगाभ्यास के दौरान पूरे परिसर में उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम में योग के माध्यम से स्वस्थ समाज के निर्माण, जीवनशैली संबंधी बीमारियों की रोकथाम तथा मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने नियमित योग करने, अपने परिवार एवं समाज को योग के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में विधायक श्री अजय चंद्राकर ने नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत उपस्थित नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग एवं नशामुक्त जीवन दोनों ही आवश्यक हैं। सभी प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार, नगर निगम सभापति श्रीमती कौशिल्या देवांगन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी, एसडीएम श्री पीयूष तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
]]>अगर हम आपसे कहें कि आपको कोई मकान या दुकान खरीदने की जरूरत नहीं है, फिर भी आपको हर महीने मोटी रेंटल इनकम मिल सकती है तो? जी हां, यह बिल्कुल सच है. बाजार में REITs और InvITs नाम के दो ऐसे ऑप्शन मौजूद हैं, जो बिना कोई प्रॉपर्टी खरीदे आपको मोटी कमाई का मौका देते हैं.
]]>अच्छी बात यह है कि पिछले 3 फाइनेंशियल ईयर से सरकार ने ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की है. साल 2023-24, 2024-25 और मौजूदा फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में भी यह दर 8.25% पर स्थिर बनी हुई है.
]]>कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि आचार्य पद केवल एक पद नहीं, बल्कि तप, त्याग, ज्ञान और समाज को दिशा देने वाली साधना का सर्वोच्च प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर और जैन दर्शन के सिद्धांत आज भी मानवता को शांति, आत्मसंयम, करुणा और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं। वर्तमान समय में जब विश्व तनाव और संघर्षों से जूझ रहा है, तब जैन दर्शन की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं।
श्री बिरला ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पदारोहण संपूर्ण जैन समाज के लिए गौरव का क्षण है। वहीं शतावधानी हंसभद्र मुनि जी महाराज ने अपनी विलक्षण स्मरणशक्ति, ज्ञान और साधना के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। उनके तप और साधना से समाज को नई दिशा मिल रही है।
उन्होंने कहा कि भौतिक संसाधन केवल सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं, लेकिन जीवन का वास्तविक सुख आत्मनियंत्रण, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक साधना से प्राप्त होता है। जैन संतों का तपस्वी जीवन समाज को प्रेरणा देता है और मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने सभी जैन संतों, साध्वियों और श्रद्धालुओं को नमन करते हुए महोत्सव के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर पहली बार आयोजित हो रहा यह आचार्य पदारोहण महोत्सव प्रदेश के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा, साधना और संस्कृति का यह विराट आयोजन पूरे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर बन गया है। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए संत-साध्वियों, श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ धन्य हुआ है और इस आयोजन से पूरे प्रदेश में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पद पर पदारोहण उनके ज्ञान, तप, संयम, साधना और समाज के प्रति समर्पित जीवन का सम्मान है। उन्होंने 14 वर्षीय बाल मुनि शतावधानी हंसभद्रमुनि जी महाराज को भी नमन करते हुए कहा कि इतनी कम आयु में उनकी अद्भुत स्मरणशक्ति, एकाग्रता और ज्ञान-साधना सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। एक साथ हजार प्रश्नों को स्मरण रखना और उनका क्रमवार उत्तर देना असाधारण उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रायपुर का यह इंडोर स्टेडियम ज्ञान, साधना और अध्यात्म का तीर्थस्थल प्रतीत हो रहा है। जैन संतों ने सदैव अहिंसा, करुणा, सत्य और आत्मसंयम का संदेश दिया है, जिसकी आज पूरे विश्व को आवश्यकता है। भगवान महावीर स्वामी का ‘जियो और जीने दो’ का संदेश वर्तमान समय में और अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि है तथा राज्य सरकार सर्वधर्म समभाव की भावना के साथ सभी वर्गों के कल्याण और प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जैन मुनिगण कठिन तप, उपवास और संयम के माध्यम से समाज को प्रेरणा देते हैं। उन्होंने लंबी पदयात्रा और तपस्या के बाद रायपुर पहुंचे साधु-संतों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि इतने बड़े आध्यात्मिक आयोजन में देशभर के संत-साध्वी और श्रद्धालु एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि जैन संतों का त्याग, तपस्या और अनुशासित जीवन समाज को सदैव प्रेरित करता है।विनयकुशल मुनि जी के आचार्य पदारोहण का यह आयोजन लोगों को अध्यात्म और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगा।
कार्यक्रम में सकल जैन श्रीसंघ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्री विजय बघेल, श्रीमती कमलेश जांगड़े, श्री महेश कश्यप, विधायक श्री राजेश मूणत सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
]]>दो चरणों में हो रहा है प्रशिक्षण का आयोजन
पर्यटन मंडल और IHM रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में डिजाइन किया गया है। प्रथम बैच 8 जून से 12 जून 2026 (सफलतापूर्वक संपन्न), द्वितीय बैच 15 जून से 19 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटन स्थलों पर खाद्य सुरक्षा मानकों (Food Safety Standards) का पालन सुनिश्चित करना, रिसॉर्ट स्टाफ का कौशल उन्नयन करना और पर्यटकों को उच्च गुणवत्तापूर्ण भोजन सेवाएं देना है।
मॉकटेल से लेकर पारंपरिक मिष्ठान्न तक, विशेषज्ञों ने सिखाए ये गुर
पांच दिनों के इस व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कर्मचारियों को आधुनिक पाक-कला, फूड प्रेजेंटेशन और स्वच्छता प्रबंधन की बारीकियां सिखाईं। पहला दिन विभिन्न प्रकार के सूप, सलाद और सैंडविच बनाने की विधियां, दूसरा दिन अंडे पर आधारित व्यंजन, लोकप्रिय दक्षिण भारतीय नाश्ते और हेल्दी ब्रेकफास्ट की तकनीकें सिखाई गई। तीसरा दिन भारतीय व्यंजनों की जान यानी मूल ग्रेवी और उनसे तैयार होने वाली डिशेज का प्रदर्शन, चौथा दिन दाल मखनी, बिरयानी, पुलाव सहित कई तरह के स्नैक्स, स्टार्टर्स और ऐपेटाइज़र का व्यावहारिक अभ्यास और पांचवां दिन रिफ्रेशिंग मॉकटेल्स, भारतीय पारंपरिक मिठाइयां और फूड सेफ्टी एंड हाइजीन (खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता) पर विशेष सत्र का आयेाजन किया गया।
गुणवत्तापूर्ण भोजन और उत्कृष्ट आतिथ्य ही पर्यटन की रीढ़
समापन समारोह को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने कहा कि पर्यटन उद्योग की सफलता में अच्छा भोजन और स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे यहां सीखे गए हुनर का उपयोग रिसॉर्ट्स में आने वाले पर्यटकों की सेवा के लिए करें, जिससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन की देश-दुनिया में एक सकारात्मक पहचान बने।
पर्यटन क्षेत्र को मिलेंगी नई ऊंचाइयां
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अपने सभी परिसरों में सेवाओं के पेशेवर मानकों को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विशेषज्ञों का मानना है कि आईएचएम रायपुर का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य के आतिथ्य क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि कुशल मानव संसाधन ही किसी भी पर्यटन उद्योग की असली ताकत होते हैं।
]]>उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आयुष के खेल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा, क्षमता, मेहनत और प्रदर्शन से इंडिया-ए टीम में जगह बनाई है। यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। छत्तीसगढ़ की ओर से रणजी ट्रॉफी में वे लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अपने अच्छे प्रदर्शन और दमखम से उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
रणजी ट्रॉफी में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर चर्चा में आए आयुष
आयुष पाण्डेय छत्तीसगढ़ के सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में से एक हैं। वे बाएं हाथ के आक्रामक ओपनर बैट्समैन हैं। वे रणजी ट्रॉफी में लगातार बड़े स्कोर कर चर्चा में आए हैं। उनमें नई गेंद को अच्छी तरह खेलने और लंबे समय तक बल्लेबाजी करने की क्षमता है। आक्रामक बल्लेबाजी और कवर ड्राइव उनकी ताकत है।
इंडिया-ए श्रीलंका में खेलेगी दो टेस्ट मैच, ओपनर के रूप में आयुष पर भरोसा
ध्रुव जुरेल की कप्तानी में दो टेस्ट मैच खेलने श्रीलंका जा रही 15 सदस्यीय भारतीय टीम में चयनकर्ताओं ने ओपनिंग बैट्समैन के रूप में आयुष पाण्डेय पर भरोसा जताया है। रायपुर के रहने वाले 23 साल के आयुष पिछले तीन सीजन से छत्तीसगढ़ के लिए रणजी ट्रॉफी खेल रहे हैं। वे सेंट्रल जोन की टीम से दलीप ट्रॉफी खेल चुके हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी और सी.के. नायडू ट्रॉफी में भी अपनी प्रतिभा दिखाई है।
आयुष ने रणजी ट्रॉफी में एक दोहरा शतक सहित चार शतक लगाए हैं। उन्होंने 2024 में तमिलनाडु के खिलाफ अपना पहला रणजी शतक (124 रन) लगाया था। उन्होंने 2024-25 के सीजन में असम के विरुद्ध 211 रन की यादगार पारी खेली थी। वे रणजी मैचों में दिल्ली (161 रन) और मुंबई (117 रन) जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी शतक लगा चुके हैं।
आयुष नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इन दिनों चल रहे सीसीपीएल (छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग) में बिलासपुर बुल्स की कप्तानी कर रहे हैं। वे लगातार चौथा सीजन खेल रहे हैं। वे टी-20 में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
]]>*नवापारा को मिली बड़ी सौगात: नगर पालिका के नए भवन के लिए ₹2 करोड़, कन्या शाला के लिए ₹10 लाख और महावीर बजरंग अखाड़े के लिए ₹5 लाख की घोषणा*
*भाजपा सरकार जनता के द्वार पर आकर परीक्षा दे रही है, जनहित के कार्यों में ढिलाई कतई बर्दाश्त नहीं:सांसद बृजमोहन*
रायपुर 3 जून
रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल आज गोबरा नवापारा में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ (महाशिविर) कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए सांसद श्री अग्रवाल ने कड़े लहजे में प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनता जनार्दन सर्वोपरि है और उनके काम में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मंच से ही दो टूक कहा कि शिविर में आए सभी विभागों के आवेदनों का निराकरण हर हाल में 7 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। जो भी विभाग इस समय-सीमा में काम नहीं करेगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी।
*लापरवाह रेंजर को मंच से ही सस्पेंड करने के निर्देश*
सुशासन तिहार के दौरान जब कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय की बाउंड्री वॉल निर्माण में वन विभाग द्वारा आपत्ति लगाने और क्षेत्र के रेंजर के बिना किसी पूर्व सूचना के नदारद रहने की बात सामने आई, तो सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल का कड़ा रुख देखने को मिला। उन्होंने मंच से ही गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को संबंधित रेंजर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने (निलंबित करने) के निर्देश जारी किए। श्री अग्रवाल ने कहा कि जब सांसद और जिले के तमाम आला अधिकारी जनता की समस्या सुनने बैठे हैं, तो गैर-जिम्मेदार अधिकारियों की ऐसी मनमानी और लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*अवैध कब्जेधारियों और लेटलतीफी पर बरसे सांसद*
शिविर में जब हरिहर हाई स्कूल की जमीन पर अवैध कब्जे और नवापारा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की आरक्षित भूमि का हस्तांतरण साल 2013-14 से अटके होने का मामला सामने आया, तो सांसद ने तत्काल मंच पर ही पटवारी, आरआई और तहसीलदार को तलब किया। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा, “सरकारी जमीन किसी के बाप की नहीं है, यह जनता और सरकार की संपत्ति है।” उन्होंने एसडीएम और प्रशासनिक अमले को निर्देश दिया कि अगले 3 दिनों के भीतर स्कूल की जमीन से अवैध कब्जा हटाया जाए और 7 दिनों के भीतर स्कूल के नाम पर जमीन दर्ज की जाए।
*नवापारा क्षेत्र को मली करोड़ों की विकास सौगातें*
क्षेत्र के चहुंमुखी विकास और आम जनता की सहूलियत के लिए सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने सुशासन तिहार के मंच से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
*नगर पालिका कार्यालय का नया भवन: नवापारा नगर पालिका के नए प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए ₹2 करोड़ की भव्य राशि का शिलान्यास किया गया।
*बेटियों की शिक्षा और सुविधा: शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला नवापारा में अतिरिक्त कमरों (कक्ष) के निर्माण के लिए सांसद निधि से तत्काल ₹10 लाख स्वीकृत किए गए। इसके साथ ही, कन्या शाला में भीषण गर्मी के मद्देनजर पेयजल संकट को दूर करने के लिए 7 दिनों के भीतर नया बोरिंग और पंप चालू करने के कड़े निर्देश दिए।
*बेटियों को खेल की सौगात: अखाड़े में अभ्यास करने वाली स्थानीय बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘महावीर बजरंग अखाड़ा’ को खेल सामग्री एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए ₹5 लाख की राशि देने की घोषणा की।
*भाजपा सरकार में जनता के द्वार पर है प्रशासन*
सांसद श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि पहले की सरकारों में जनता अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर काटती थी, लेकिन आज हमारी विष्णुदेव साय सरकार का पूरा अमला खुद जनता की चौखट पर आकर बैठा है। आज इस सुशासन शिविर में 300 से अधिक आवेदन आए हैं, जिनमें से 108 नगर पालिका और 75 राजस्व विभाग से जुड़े हैं। बिजली के खराब तार, नालियों की सफाई, पानी की किल्लत जैसी सभी बुनियादी समस्याओं को अधिकारी तत्काल युद्धस्तर पर ठीक करें। यह पहली ऐसी सरकार है जो खुद जनता के बीच आकर अपनी परीक्षा दे रही है।
इस सुशासन तिहार कार्यक्रम में विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, वरिष्ठ नेता श्री अशोक बजाज, नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी, पूर्व अध्यक्ष विजय गोयल, राजू सोनकर, संतोष शुक्ला, नागेंद्र वर्मा, भूपेंद्र सोनी सहित जिले के एडीएम, एसडीएम, नगर पालिका कमिश्नर, विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी-कर्मचारी एवं भारी संख्या में स्थानीय नागरिक, मातृशक्ति और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
]]> बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने 2026-27 के वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट प्लान को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंनें शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बजट प्लान में केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि लर्निंग आउटकम सुधारने वाले नवाचारों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए स्कूलों में संसाधन, शिक्षक और तकनीक तीनों मजबूत करने होंगे।
छात्रों के ड्राप आउट को राकने करें प्रयास
मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूलों में छात्रों के ड्राप आउट की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाये। माध्यमिक-उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब स्थापित होंगी। सभी स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था होगी। ड्रॉपआउट रोकथाम कक्षा 1, 8 और 10 में ड्रॉपआउट दर शून्य करने के लिए विशेष ट्रैकिंग सिस्टम बनेगा। शाला त्यागी बच्चों को मुख्यधारा में लाने हेतु ब्रिज कोर्स चलेंगे।
शिक्षक प्रशिक्षण
राष्ट्रीय शिक्षा नीति अनुसार सभी शिक्षकों का फेज-वाइज प्रशिक्षण दिया जाये। गणित-विज्ञान-अंग्रेजी के लिए विशेष मास्टर ट्रेनर पूल तैयार होगा। बुनियादी सुविधा जरूरत वाले स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, बालिका शौचालय, पेयजल, बिजली और बाउंड्रीवॉल के काम प्राथमिकता से होंगे।
समावेशी शिक्षा
उल्लेखनीय है कि ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके तहत शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
यह सेवा 24×7 संचालित होगी। इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी तथा स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच
‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी। “32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय” के उद्देश्य के साथ शुरू की गई यह पहल घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी।
लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन अत्याधुनिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू (GSR) परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था, जिससे साक्ष्यों के दूषित होने की संभावना बनी रहती थी तथा रिपोर्ट आने में भी विलंब होता था। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया बल
राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है।
आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।
]]>जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन और इस कार्य में तकनीकी स्पष्टता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तहसीलदार तोकापाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही ग्राम धरमाऊर के प्रगणक और फील्ड ट्रेनर ने गणना के दौरान आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया और डिजिटल माध्यमों से डेटा प्रविष्टि के कार्य में सहयोग किया। विधायक श्री विनायक गोयल ने इस अवसर पर कहा कि स्व-गणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह भविष्य की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का आधार है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को संदेश दिया कि सटीक जानकारी साझा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है ताकि शासन की नीतियों का लाभ हर घर तक पहुँच सके। वहीं जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री रितेश जोशी ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना की और फील्ड स्तर पर कार्य कर रहे कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया। तहसीलदार एवं उनकी टीम द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना करते हुए उन्होंने इस कार्य को क्षेत्र के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम बताया।
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