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हादसा… शिकायत… फिर भी सन्नाटा! कलेक्टर को शिकायत के बाद भी कार्रवाई का इंतजार, पीड़ित पक्ष ने उठाए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल

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26 जुलाई को बीएमएस मॉल के समीप नाली निर्माण कार्य के दौरान हुए हादसे में वरिष्ठ पत्रकार सौरभ दुल्हानी की पत्नी रूबी दुल्हानी हुई थीं गंभीर घायल, अब मुख्यमंत्री से शिकायत और हाईकोर्ट जाने की तैयारी

जगदलपुर | जगदलपुर शहर के मोतीतालाब पारा से अनुपमा चौक मार्ग पर लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन चल रहे नाली निर्माण कार्य के दौरान 26 जुलाई को बीएमएस मॉल के समीप हुए सड़क हादसे के कई दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ित पक्ष का दावा है कि अब तक मामले में किसी प्रकार की ठोस प्रशासनिक कार्रवाई अथवा जांच प्रारंभ होने की जानकारी उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। इसे लेकर पीड़ित परिवार ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए मामले को मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तक ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि उक्त हादसे में शहर के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ दुल्हानी की पत्नी रूबी दुल्हानी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। दुर्घटना में उनके बाएं हाथ में गंभीर फ्रैक्चर हुआ, जिसके बाद ऑपरेशन कर टाइटेनियम प्लेट लगानी पड़ी। वर्तमान में उनका उपचार जारी है।

रूबी दुल्हानी का कहना है कि दुर्घटना उस समय हुई जब वे निर्माणाधीन मार्ग से गुजर रही थीं। उनका आरोप है कि घटनास्थल पर नाली निर्माण कार्य चल रहा था तथा निर्माण सामग्री, जिनमें गिट्टी, पत्थर एवं अन्य सामग्री शामिल थी, अव्यवस्थित रूप से रखी गई थी। साथ ही बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, डायवर्जन एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर प्रश्न हैं। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी होती तो संभवतः यह दुर्घटना टाली जा सकती थी।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि मोतीतालाब पारा से अनुपमा चौक तक चल रहे नाली निर्माण कार्य का ठेका ठेकेदार तनय चौधरी को आवंटित किया गया है। उनका आरोप है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन, बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतों, निर्माण सामग्री (गिट्टी, पत्थर आदि) के सुरक्षित प्रबंधन एवं आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं। पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) यह स्पष्ट करे कि निर्माण कार्य विभागीय मानकों, तकनीकी दिशा-निर्देशों एवं अनुबंध की शर्तों के अनुरूप किया जा रहा था या नहीं। यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही अथवा सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

पीड़ित पक्ष ने बताया कि इस पूरे मामले की लिखित शिकायत जिला कलेक्टर, बस्तर को भी की जा चुकी है। पीड़ित पक्ष का दावा है कि शिकायत दिए जाने के बाद भी समाचार लिखे जाने तक उन्हें किसी प्रकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अथवा कार्रवाई की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। इसे लेकर उन्होंने सवाल उठाया है कि यदि आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों में भी समयबद्ध कार्रवाई नहीं होगी, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति कैसे रोकी जाएगी।

इस संबंध में वरिष्ठ पत्रकार सौरभ दुल्हानी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराना और निर्माण कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक स्तर पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है, तो वे इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, लोक निर्माण विभाग के मंत्री, मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता सहित अन्य सक्षम अधिकारियों से करेंगे।

उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी न्याय नहीं मिला, तो उपलब्ध दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की शरण ली जाएगी। न्यायालय से स्वतंत्र जांच, जिम्मेदारी तय करने तथा निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की जाएगी।

गौरतलब है कि हादसे में घायल रूबी दुल्हानी शहर के वरिष्ठ पत्रकार साधुराम दुल्हानी की बहू एवं वरिष्ठ पत्रकार सौरभ दुल्हानी की पत्नी हैं। इस घटना के बाद पत्रकार जगत, सामाजिक संगठनों एवं स्थानीय नागरिकों में भी निर्माणाधीन कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं दोबारा भी हो सकती हैं।

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